1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. रक्षा बंधन
  4. 5 शुभ योग में मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व, जानिए राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2025| 5 शुभ योग में मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व, जानिए राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त

2025 me raksha bandhan kab hai
Raksha Bandhan 2025:  प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस बार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व 9 अगस्त 2025 शनिवार को उदयातिथि के अनुसार मनाया जाएगा। इस बार रक्षा बंधन पर 5 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। जानिए कि सबसे अच्‍छा और शुभ मुहूर्त कौनसा है।
 
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी।
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी।
भद्रा काल: 8 अगस्त को दोपहर 02:12 से प्रारंभ होकर 9 अगस्त को तड़के 01:52 (मध्यरात्रि) पर समाप्त हो होगा। इसलिए पूरे दिन कभी भी शुभ मुहूर्त देखकर राखी बांध सकते हैं। 
 
9 अगस्त 2025 को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त:
राहुकाल सबह 09:07 से 10:47 तक रहेगा। इस बीच राखी न बांधें।
इसके बाद दिन में सबसे श्रेष्‍ठ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 तक रहेगा।
यदि रात में राखी बांधना चाहते हैं तो शाम 07:06 से रात्रि 08:26 के बीच बांध सकते हैं।
 
9 अगस्त 2025 रहेंगे 5 शुभ योग:
1. सर्वार्थ सिद्धि योग: 8 अगस्त दोपहर 02:28 से 9 अगस्त दोपहर 02:23 तक।
2. सौभाग्य योग: 9 अगस्त प्रात: 04:08 से 10 अगस्त 02:15 AM तक।
3. सुस्थिर योग: तमिल पंचांग अनुसार दोपहर 02:23 से सुस्थिर योग रहेगा। इसके बाद वर्धमान योग रहेगा।
4. नक्षत्र योग: श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र का शुभ संयोग है।
5. अभिजीत मुहूर्त योग: दोपहर 12:00 से 12:53 तक रहेगा।
राखी बांधते समय इस मंत्र का करें जाप:
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
 
अपराह्न का समय रक्षा बंधन के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है जो कि हिन्दु समय गणना के अनुसार दोपहर के बाद का समय है। यदि अपराह्न का समय भद्रा आदि की वजह से उपयुक्त नहीं है तो प्रदोष काल का समय भी रक्षा बन्धन के संस्कार के लिए उपयुक्त माना जाता है।
 
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
Varalakshmi vrat 2025: वरलक्ष्मी व्रत पर जानें महत्व, पूजा विधि और कथा