biodatamaker
✕

गायत्री जयंती 2026: महत्व, शुभ मुहूर्त एवं परंपराएं और श्रावणी उपाकर्म

Updated: सोमवार, 24 अगस्त 2026 (16:32 IST)
माता गायत्री को सनातन धर्म में वेद माता और समस्त देवताओं की जननी माना गया है। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को गायत्री जयंती (गायत्री जपम) के रूप में अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी पावन दिन संपूर्ण भारत में 'उपाकर्म' अनुष्ठान भी संपन्न होता है, जिसमें जनेऊ (यज्ञोपवीत) धारण करने वाले साधक इसका नवीनीकरण करते हैं।
 

तिथि एवं शुभ मुहूर्त (2026)

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त 2026 को सुबह 09:08 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त 2026 को सुबह 09:48 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:51 से 05:37 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:14 से 13:05 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 18:57 से 19:19 तक
 

धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप

वेद माता और त्रिदेवों का रूप: देवी गायत्री को समस्त वेदों की जननी (वेद माता) तथा त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महेश की देवी माना जाता है। वे देवी सरस्वती, पार्वती और लक्ष्मी का एकीकृत स्वरूप हैं।
 
तिथि में भिन्नता: भारत के अधिकांश क्षेत्रों (विशेषकर दक्षिण भारत) में श्रावण पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है। वहीं, एक अन्य मतांतर के अनुसार इसे ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी (गंगा दशहरा के अगले दिन) पर भी मनाया जाता है।
 

श्रावणी उपाकर्म और 'गायत्री जपम'

जनेऊ नवीनीकरण (उपाकर्म): श्रावण पूर्णिमा के दिन उपनयन सूत्र (जनेऊ/यज्ञोपवीत) धारण करने वाले जातक मंत्रोच्चार के साथ नया यज्ञोपवीत बदलते हैं और वेदाध्ययन की शुरुआत करते हैं।
 
गायत्री जपम दिवस: उपाकर्म अनुष्ठान के अगले दिन साधक सुबह स्नान के बाद 108 या 1008 की संख्या में गायत्री मंत्र का जाप करते हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों (विशेषकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) में इसे 'गायत्री प्रतिपदा' या 'गायत्री पाद्यमी' भी कहा जाता है।
 

विश्व संस्कृत दिवस से जुड़ाव

आधुनिक समय में श्रावण पूर्णिमा (गायत्री जयंती) के इस पावन दिन को 'विश्व संस्कृत दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर प्राचीन वैदिक भाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार, संरक्षण और संवर्धन के लिए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कार्यशालाओं व सेमिनार का आयोजन किया जाता है।

Show comments

सभी देखें

धनतेरस पर यह 5 चीजें लाएं, घर में आएंगी मां लक्ष्मी, हो जाएंगे मालामाल

Diwali 2026 Puja Samagri List: धनतेरस से भाई दूज तक, 5 दिनों की पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट यहाँ देखें

Diwali 2026: दिवाली बोनस देने की परंपरा कैसे शुरू हुई? जानिए कब बना कर्मचारियों का कानूनी अधिकार

भविष्‍य मालिका की भविष्यवाणी: बर्बादी की ओर बढ़ रहा है ये 4 देश? 5 बड़ी घटनाओं से मचेगी उथल-पुथल

Budh Nakshatra Gochar 2026: दिवाली से पहले बुध का बड़ा बदलाव, 5 राशियों को मिल सकता है धन लाभ

सभी देखें

Budh Gochar 2026: राहु के स्वाति नक्षत्र में बुध का गोचर, 3 नवंबर से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, जानें 12 राशियों का राशिफल

02 November Birthday: आपको 2 नवंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 02 नवंबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 02 नवंबर 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

01 November Birthday: आपको 1 नवंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख