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Phalguni Amavasya 2020 : फाल्गुनी अमावस्या पर करें ये 5 कार्य तो कटेगा संकट

Updated: शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020 (15:01 IST)
अमावस्या माह में एक बार ही आती है। मतलब यह कि वर्ष में 12 अमावस्याएं होती हैं। शास्त्रों में अमावस्या तिथि का स्वामी पितृदेव को माना जाता है। मतलब यह कि यह अमावस्याएं श्राद्ध, दान और स्नान हेतु होती है।
 
 
प्रमुख अमावस्याएं : सोमवती अमावस्या, भौमवती अमावस्या, मौनी अमावस्या, शनि अमावस्या, हरियाली अमावस्या, दिवाली अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या आदि मुख्‍य अमावस्या होती है।
 
इस बार फाल्गुन माह में अमावस्या रविवार को आ रही है। शास्त्रों में फाल्गुन माह की अमावस्या का खास महत्व बताया गया है।
 
 
1. इस दिन संगम पर स्नान करने का महत्व है। कहते हैं कि इस दिन देवताओं का वास संगम तट पर होता है। संगम नहीं जा सकते हैं तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
 
 
2. इस अमावस्या को पितृदेव अर्यमा, शिव और शनिदेव का दिन माना जाता है। अत: इस दिन तीनों ही देवों की पूजा आराधना करने से संकट कटते हैं।
 
3. इस दिन गरीबों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। 
 
4. यदि किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या है तो इस दिन भगवान शंकर को खिर का भोग लगाएं। 
 
5. फाल्गुन मास की अमावस्या पर पितृ शांति और काल सर्प दोष की शांति पूजा का भी विधान है। इस दिन व्रत रखा जाता है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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