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नर्मदा जयंती 2026: कब है, क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व?

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 24 जनवरी 2026 (11:07 IST)
Narmada Jayanti 2026: नर्मदा जयंती 2026 इस साल 25 जनवरी को मनाई जाएगी। यह तिथि माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन पड़ती है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन नर्मदा नदी के अवतरण का स्मरण किया जाता है- यानी माना जाता है कि नर्मदा नदी का दिव्य अवतरण इसी दिन हुआ था।
 
सप्तमी तिथि प्रारंभ: 12:39 AM, 25 जनवरी 2026
सप्तमी तिथि समाप्त: 11:10 PM, 25 जनवरी 2026
 
 

1. नर्मदा जयंती का धार्मिक महत्व: 

नर्मदा नदी को हिंदू धर्म में माँ नर्मदा (नर्मदा मैया) के रूप में पूजा जाता है। यह नदी सिर्फ़ जल का स्रोत नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि और जीवन शक्ति का प्रतीक भी मानी जाती है।
 

2. नर्मदा जयंती की मुख्य धार्मिक मान्यताएँ:

 

3. नर्मदा जयंती की पूजा और अनुष्ठान विधि

प्रातःकाल स्नान (Holy Dip)
दिन की शुरुआत सूर्योदय से पहले नर्मदा नदी में स्नान करके करें।
विद्वानों के अनुसार इस समय स्नान करने से शारीरिक और आत्मिक शुद्धि होती है।
 
विशेष पूजा (Puja Rituals)
नदी के तट पर मां नर्मदा को फल, फूल, दूध, जल, धूप-दीप अर्पित करें।
नर्मदा अष्टकम, भजन और प्रार्थना को उच्चारण करें।
 
धार्मिक अनुष्ठान
दीपदान (Deep Daan): नदी में दीप जलाने से शांति और सम्मान की अनुभूति होती है।
भजन-कीर्तन: शाम को नर्मदा नदी के तट पर भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन होता है।
 
दान-पुण्य
नमक, भोजन, वस्त्र और जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य फल मिलता है।
कई जगह नदी तटों पर सफ़ाई अभियानों और वृक्षारोपण जैसे कार्य भी किए जाते हैं।
 

4. नर्मदा जयंती कहाँ मनाई जाती है?

नर्मदा जयंती सबसे ज़्यादा अमरकंटक (नदी का उद्गम स्थल), ओंकारेश्वर, महेश्वर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जैसे स्थानों पर श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इन स्थानों पर लोग साधु-संतों के साथ नदी किनारे पूजा और आरती में भाग लेते हैं, वहीं गांव-शहरों में भी स्थानीय स्तर पर दीपदान, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण जैसे आयोजन होते हैं।
 

5. नर्मदा जयंती पर क्या करें और क्या न करें?

 
नर्मदा जयंती केवल एक पर्व नहीं है- यह प्रकृति के प्रति सम्मान, आत्म-शुद्धि और जीवन की उर्जा को पुनः जागृत करने का दिन है। श्रद्धा, पूजा और दान-पुण्य आपको न सिर्फ़ आध्यात्मिक शांति देंगे, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी लाएँगे।
 

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