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Written By WD Feature Desk
Last Updated : शनिवार, 17 जनवरी 2026 (13:21 IST)

Mauni amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर क्या न करें? जानिए 5 जरूरी सावधानियां

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Mauni amavasya 2026
Mauni Amavasya 2026: माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस दिन नदी में स्नान करके दान करने का खासा महत्व मानाया गया है। इस दौरान प्रयागराज में माघ मेला लगाया हुआ है। मौनी अवास्या का स्नान दान कार्य 19 जनवरी 2026 रविवार के दिन रहेगा। हिंदू शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के दिन वैसे तो कई नियम और सावधानियां या कहें कि वर्जित कार्य बताएं गए हैं लेकिन यहां पर जानिए सबसे जरूरी 5 सावधानियां।

मौनी अमावस्या हाइलाइट्स: Mauni Amavasya Highlights:

1. मौनी अमावस्या की धार्मिक मान्यता:
2. क्यों जरूरी है अमावस्या पर सावधानी?
3. मौनी अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये 5 काम:
4. मौनी अमावस्या पर विशेष सलाह
5.मौनी अमवास्या पर पूछे जाने वाले प्रश्न- FAQs
 

मौनी अमावस्या की धार्मिक मान्यता:

हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या माह में केवल एक बार आती है, यानी पूरे वर्ष में कुल 12 अमावस्याएं होती हैं। इनमें सोमवती अमावस्या, भौमवती अमावस्या, मौनी अमावस्या, शनि अमावस्या, हरियाली अमावस्या, दिवाली अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या को विशेष माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन सूक्ष्म और नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय रहती हैं। ऐसे में व्यक्ति के मन और व्यवहार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण है कि इस दिन विशेष सावधानी, संयम और धार्मिक नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
 

क्यों जरूरी है अमावस्या पर सावधानी?

मौनी अमावस्या हो या कोई अन्य अमावस्या- मान्यता है कि इन दिनों दानवी और नकारात्मक प्रवृत्तियां अधिक प्रभावी हो जाती हैं। यदि व्यक्ति धर्म, संयम और शुद्ध आचरण से दूर रहता है, तो उसे मानसिक या शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
 

मौनी अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये 5 काम:

1️. तामसिक वस्तुओं का सेवन न करें:
इस दिन मांस, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए। यह मन को अशांत करती हैं और नकारात्मकता बढ़ाती हैं।
 
2️. शराब और नशे से बनाएं दूरी:
मौनी अमावस्या के दिन शराब या किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न केवल शरीर, बल्कि भविष्य पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।
 
3️. नकारात्मक सोच से बचें:
अमावस्या के दिन व्यक्ति में नकारात्मक विचार जल्दी हावी हो सकते हैं। ऐसे समय में हनुमान जी का नाम जप या मंत्र स्मरण करते रहना लाभकारी माना जाता है।
 
4️. अत्यधिक भावुक लोग रखें विशेष नियंत्रण:
मान्यता है कि अति भावुक लोगों पर अमावस्या का प्रभाव अधिक पड़ता है। ऐसे में मन को नियंत्रित रखें और पूजा-पाठ या ध्यान में समय लगाएं।
 
5️. उपवास और संयम का रखें ध्यान:
संभव हो तो इस दिन उपवास रखें। विद्वानों का कहना है कि चौदस, अमावस्या और प्रतिपदा- इन तीन दिनों में पवित्र और संयमित रहना विशेष फलदायी होता है।
 

मौनी अमावस्या पर विशेष सलाह: 

मौनी अमावस्या के दिन मौन, संयम, जप और दान अपनाने से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।

मौनी अमवास्या पर पूछे जाने वाले प्रश्न- FAQs

Q1. मौनी अमावस्या पर क्या नहीं करना चाहिए?
A. मौनी अमावस्या के दिन तामसिक भोजन, शराब और किसी भी प्रकार के नशे से बचना चाहिए। साथ ही नकारात्मक सोच, झगड़े और क्रोध से दूरी बनाए रखना शुभ माना जाता है।
 
Q2. मौनी अमावस्या पर उपवास रखना जरूरी है क्या?
A. उपवास अनिवार्य नहीं है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उपवास रखने से मन शांत रहता है और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
 
Q3. अमावस्या के दिन कौन-सा जप या पूजा करना शुभ होता है?
A. अमावस्या के दिन हनुमान जी का नाम जप, “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप और सरल पूजा-पाठ करना शुभ और लाभकारी माना जाता है।
 
नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है।
 
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