biodatamaker

मां बगलामुखी की पूजा से क्या फल मिलता है?

Updated: बुधवार, 26 अप्रैल 2023 (16:16 IST)
Baglamukhi Jayanti 2023 : वैशाख शुक्ल की अष्टमी को मां बगलामुखी की जयंती मनाई जाएगी। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह जयंती 28 अप्रैल 2023 शुक्रवार को मनाई जाएगी। मां बगलामुखी देवी 10 महाविद्याओं में से एक 8वीं महाविद्या है। गुप्त नवरात्रियों के अलावा तिथि विशेष में इनकी पूजा और साधना की जाती है। इनकी पूजा और साधना का खास महत्व माना जाता है।
 
पूजा और साधना का फल : माता बगलामुखी की साधना युद्ध में विजय होने और शत्रुओं के नाश के लिए की जाती है। इनकी साधना शत्रु भय से मुक्ति और वाक् सिद्धि के लिए की जाती है। मुकदमे आदि में इनका अनुष्ठान सफलता प्राप्त करने वाला माना जाता है। इनकी आराधना करने से साधक को विजय प्राप्त होती है। शुत्र पूरी तरह पराजित हो जाते हैं।
 
माता बगलामुखी शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है तथा भक्त का जीवन हर प्रकार की बाधा से मुक्त हो जाता है। शांति कर्म में, धन-धान्य के लिए, पौष्टिक कर्म में, वाद-विवाद में विजय प्राप्त करने हेतु देवी उपासना व देवी की शक्तियों का प्रयोग किया जाता हैं। देवी का साधक भोग और मोक्ष दोनों ही प्राप्त कर लेते हैं। वे चाहें तो शत्रु की जिव्हा ले सकती हैं और भक्तों की वाणी को दिव्यता का आशीष दे सकती हैं। देवी वचन या बोल-चाल से गलतियों तथा अशुद्धियों को निकाल कर सही करती हैं।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 23 अगस्‍त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Onam 2026: थिरुवोणम पर्व का महत्व, परंपराएं और क्या होता है इस दिन खास

भविष्य मालिका में पाकिस्तान को लेकर क्या लिखा है? जानिए इस देश के भविष्य को लेकर की गई बड़ी भविष्यवाणी

भौम प्रदोष पर बन रहा खास संयोग, कर्ज से मुक्ति के लिए करें ये उपाय; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

श्रावण मास का चतुर्थ मंगला गौरी व्रत, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और उपाय

अगला लेख