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हरियाली तीज की पूजा विधि

Updated: शनिवार, 30 जुलाई 2022 (14:54 IST)
Hariyali teej puja ka tarika bataye : श्रावण मास शुक्ल पक्ष की तीज को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन माता पार्वती की पूजा करने से पति दीर्घायु होता है। अविवाहिता व्रत रखकर पूजा करती हैं तो मनोवांछित वर मिलता है। हरियाली तीज 31 जुलाई 2022 को है। आओ जानते हैं इस पर्व की विधिवत पूजा विधि।
 
 
1. इस दिन निर्जला व्रत रखकर विधि पूर्वक पूजा करने का विधान है। इस व्रत को करवा चौथ से भी कठिन व्रत बताया जाता है।
 
2. व्रत का संकल्प लेकर महिलाएं माता की चौकी को सजाती हैं और खुद भी सजती हैं। हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह घर के काम और स्नान करने के बाद सोलह श्रृंगार करके निर्जला व्रत रखती हैं।
 
3. महिलाएं शिवजी और पार्वतीजी की षोडशोपचार पूजा यानी की 16 प्रकार की सामग्री से पूजा करती हैं। इसमें हल्दी, कुंकू, मेहंदी, गंध, पुष्प, नैवेद्य, माला, पान आदि सभी पूजन सामग्री अर्पित करती हैं।
 
4. पूजा की सामग्री अर्पित करके के बाद दोनों की आरती उतारी जाती है।
 
5. नैवेद्य अर्पण करने के बाद लोगगीत गाती है। झूला झूलती हैं और खुशियां मनाती हैं।
6. इस दिन व्रत के साथ-साथ शाम को व्रत की कथा सुनी जाती है। कथा के समापन पर महिलाएं मां गौरी से पति की लंबी उम्र की कामना करती है। इसके बाद घर में उत्सव मनाया जाता है और भजन व लोक नृत्य किए जाते हैं।
  
7. इस दिन महिलाएं पूरा दिन बिना भोजन-जल के दिन व्यतीत करती हैं तथा दूसरे दिन सुबह स्नान और पूजा के बाद व्रत पूरा करके भोजन ग्रहण करती हैं।
 
8. इस दिन स्त्रियों के मायके से श्रृंगार का सामान और मिठाइयां उनके ससुराल भेजी जाती है।
 
9. इस दिन हरे वस्त्र धारण करना, हरी चुनरी, हरा लहरिया, हरा श्रृंगार, मेहंदी लगाना, झूला-झूलने का भी रिवाज है। जगह-जगह झूले पड़ते हैं। 
 
10. इस त्योहार में स्त्रियां हरी लहरिया न हो तो लाल, गुलाबी चुनरी में भी सजती हैं, गीत गाती हैं, मेंहदी लगाती हैं, श्रृंगार करती हैं, नाचती हैं।
 
11. हरियाली तीज के दिन अनेक स्थानों पर मेले लगते हैं और माता पार्वती की सवारी बड़े धूमधाम से निकाली जाती है।

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