suvichar

मां कात्यायनी का अवतार हैं षष्ठी देवी, जानिए मंत्र एवं पौराणिक जानकारी

Updated: मंगलवार, 13 नवंबर 2018 (15:13 IST)
छठ पर्व पर सूर्य आराधना एवं षष्ठी देवी के पूजन का विशेष महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि षष्ठी देवी कौन हैं और क्योंकि पड़ा उनका यह नाम ? चलिए जानते हैं षष्ठी देवी के बारे में संपूर्ण जानकारी एवं मंत्र - 
 
दरअसल मां षष्ठी देवी, मां कात्यायनी का ही रूप हैं और मां कात्यायनी, दुर्गा का छठा अवतार हैं। शास्त्रों के अनुसार देवी ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया। षष्ठी तिथि के अलावा नवरात्र के छठे दिन कात्यायनी देवी की पूरे श्रद्धा भाव से पूजा की जाती है।
 
कैसा है षष्ठी देवी कात्यायनी का स्वरूप - 
दिव्य रुपा कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समाना चमकीला है। चार भुजा धारी मां कात्यायनी सिंह पर सवार हैं। अपने एक हाथ में तलवार और दूसरे में अपना प्रिय पुष्प कमल लिये हुए हैं। अन्य दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में हैं। इनका वाहन सिंह हैं। देवी कात्यायनी के नाम और जन्म से जुड़ी एक कथा प्रसिद्ध है।
 
क्यों पड़ा देवी का नाम कात्यायनी - 
एक कथा के अनुसार एक वन में कत नाम के एक महर्षि थे उनका एक पुत्र था जिसका नाम कात्य रखा गया। इसके पश्चात कात्य गोत्र में महर्षि कात्यायन ने जन्म लिया। उनकी कोई संतान नहीं थी। मां भगवती को पुत्री के रूप में पाने की इच्छा रखते हुए उन्होंने पराम्बा की कठोर तपस्या की।
 
महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उन्हें पुत्री का वरदान दिया। कुछ समय बीतने के बाद राक्षस महिषासुर का अत्याचार अत्यधिक बढ़ गया। तब त्रिदेवों के तेज से एक कन्या ने जन्म लिया और उसका वध कर दिया। कात्य गोत्र में जन्म लेने के कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ गया।
 
जानिए षष्ठी देवी कात्यायनी का सरल मंत्र 
 
चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना
कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि
 
मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी मानी गई हैं। शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों को माता की अवश्य उपासना करनी चाहिए।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 सितंबर 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

Ganpati Maha Aagman: बप्पा के आगमन से लेकर विसर्जन तक बदल जाती है मुंबई की धड़कन

माता वेलंकन्नी पर्व, तमिलनाडु के ईसाइयों का त्योहार

Pola Amavasya 2026: पिठोरी अमावस्या 2026: संकट दूर करने के 5 अचूक उपाय

गणेश उत्सव 2026: गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और स्थापना विधि

अगला लेख