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भौम अमावस्या पर करें हनुमानजी की पूजा, भय से मिलेगी मुक्ति

Updated: मंगलवार, 11 मई 2021 (09:44 IST)
अमावस्या के दिन चन्द्र नहीं दिखाई देता अर्थात जिसका क्षय और उदय नहीं होता है उसे अमावस्या कहा गया है, तब इसे 'कुहू अमावस्या' भी कहा जाता है। अमावस्या सूर्य और चन्द्र के मिलन का काल है। इस दिन दोनों ही एक ही राशि में रहते हैं। इस बार अमावस्या वैशाख अमावस्या की तिथि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 11 मई 2021 को मंगलवार के दिन है। मंगलवार होने के कारण इसे भौम अमावस्या या भौमवती अमावस्या भी कहते हैं। भौमवती अमावस्या तिथि 10 मई की रात 09 बजकर 55 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी जो 12 मई को 12 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में हनुमानजी की पूजा का महत्व बढ़ जाता है।
 
 
अमावस्या की प्रकृति : अमा‍वस्या के दिन भूत-प्रेत, पितृ, पिशाच, निशाचर जीव-जंतु और दैत्य ज्यादा सक्रिय और उन्मुक्त रहते हैं। ऐसे दिन की प्रकृति को जानकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए। इस दिन किसी भी प्रकार की तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन शराब आदि नशे से भी दूर रहना चाहिए। इसके शरीर पर ही नहीं, आपके भविष्य पर भी दुष्परिणाम हो सकते हैं। 

 
ज्योतिष में चन्द्र को मन का देवता माना गया है। अमावस्या के दिन चन्द्रमा दिखाई नहीं देता। ऐसे में जो लोग अति भावुक होते हैं, उन पर इस बात का सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। लड़कियां मन से बहुत ही भावुक होती हैं। इस दिन चन्द्रमा नहीं दिखाई देता तो ऐसे में हमारे शरीर में हलचल अधिक बढ़ जाती है। जो व्यक्ति नकारात्मक सोच वाला होता है उसे नकारात्मक शक्ति अपने प्रभाव में ले लेती है।

 
हनुमान पूजा : 
1. अमावस्या के दिन विशेष रूप से हनुमानजी की पूजा या उनका पाठ करने से व्यक्ति नकारात्मक विचार और शक्तियों से बच जाता है। इसके लिए हनुमान चालीसा पढ़ें, बजरंग बाण बढ़ें या सुंदरकाण्ड पढ़ें। हनुमानजी की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और साफ आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप चाहें तो श्रीराम दूताय नम: मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। 
 
2. मंगल दोष से मुक्ति के लिए इस दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाएं, गुड़ और चने का प्रसाद बांटें, चमेली के तेल और सिंदूर से अभिषेक करें। हनुमान मंत्र का जाप करें।
 
3. हनुमानजी को पान का बीड़ा अर्पित करें और अपनी मनोकामना उन्हें बताएं। भय से मुक्ति हेतु इस दिन निरंत हनुमानजी के 12 नामों का जप करते रहें।
 
भौमवती अमावस्या के दिन तांबे का त्रिकोण मंगल यंत्र घर में स्थापित करके नित्य इसकी पूजा कर मंगल स्तोत्र का पाठ करें। यंत्र पर लाल चंदन का तिलक करें। इससे आपको धनलाभ प्राप्त होगा। भौमवती अमावस्या के दिन श्रीयंत्र की विधिवत पूजा करें और श्रीसूक्त का पाठ करें। यह उपाय करने से भी आपकी आर्थिक संकट दूर होगा और आपको धन लाभ मिलेगा।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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