Hanuman Chalisa
✕

भाई भिन्ना पर्व कौन मनाते हैं?

Updated: सोमवार, 15 अगस्त 2022 (21:32 IST)
आपको भाई दूज और रक्षा बंधन के पर्व के बारे में मालूम है, लेकिन भाई भिन्ना पर्व भी मनाया जाता है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी को भाई भिन्ना पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 16 अगस्त 2022 मंगलवार के दिन यह पर्व मनाया जाएगा। आओ जानते हैं इस पर्व की विशेषता।
 
 
1. भाई भिन्ना को गूगा पंचमी और गोगा पंचमी भी कहते हैं। गोगादेव को मानने वाले इस पर्व को उत्साह से मनाते हैं।
 
2. इस दिन बहनें भाइयों के मस्तक पर टीका कर उन्हें मिठाई खिलाती हैं तथा स्वयं चना और चावल का बना हुआ बासी भोजन करती हैं। बदले में भाई यथाशक्ति बहनों को द्रव्य उपहार आदि भेंट करते हैं। इसीलिए इसे भाई भिन्ना पर्व भी कहते हैं।
 
3. इस दिन गोगादेव और नागदेवता की पूजा की जाती है। गोगा पंचमी के दिन जाहरवीर गोगाजी की पूजा करने से गोगाजी महाराज सर्प के काटने से हमारी रक्षा करते हैं।
 
4. मान्यता है कि गोगादेव बच्चों के जीवन की रक्षा करते हैं। माताएं गोगा देव और नागदेव को भाई मानकर अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए गोगादेव और नाग देव की पूजा करती हैं तथा बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं।
 
5. इस दिन पूजा के पूर्व दीवार को साफ-सुथरी करके गेरू से पोतकर दूध में कोयला मिलाकर चौकोर चौक बनाया जाता है। उसके ऊपर 5 सर्प बनाए जाते हैं। फिर उसके बाद कच्चा दूध, पानी, रोली व चावल अर्पित किए जाते हैं तथा बाजरा, आटा, घी और शकर मिलाकर प्रसाद चढ़ाया जाता है।
 
6. ऐसी मान्यता भी है कि इस दिन अगर नि:संतान महिलाएं गोगादेव का पूजन करें तो उनकी गोद भी जल्दी भर जाती है। इस व्रत के करने से स्त्रियां सौभाग्यवती होती हैं। उनके पतियों की विपत्तियों से रक्षा होती है और मनोकामना पूरी होती है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख