dharma sangrah
✕

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

Updated: शुक्रवार, 15 मई 2026 (16:56 IST)
Adhik Maas Festival 2026: ज्येष्ठ मास का अधिकमास हिन्दू पंचांग के अनुसार एक अतिरिक्त महीना होता है जो सूर्य और चंद्रमा के गमन के अंतर से बनता है। इसे 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है। इसे धार्मिक रूप से बहुत शुभ माना जाता है, विशेषकर पाप निवारण और पुण्य कमाने के लिए। वर्ष 2026 में यह माह कब से होगा आरंभ आइए यहां जानते हैं इस समयावधि में क्या करें और क्या नहीं...ALSO READ: Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास की महिमा (पुरुषोत्तम मास महात्म्य), जानें मुख्य 6 बिंदु
 

इस माह की तिथियां और नियम इस प्रकार हैं:

 
ज्येष्ठ अधिकमास 2026 की तिथियां
प्रारंभ: 17 मई 2026, रविवार
 
समाप्त: 15 जून 2026, सोमवार
 
अधिकमास होने के कारण इस वर्ष ज्येष्ठ का महीना लगभग 60 दिनों का होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु/ पुरुषोत्तम हैं, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।
 

कैसे पाएं पुण्य लाभ, क्या-क्या करें?

अधिकमास आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य संचय का समय है। इस दौरान ये कार्य करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है:
 
विष्णु उपासना: भगवान विष्णु और उनके अवतारों, विशेषकर श्रीकृष्ण की पूजा करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करें।
 
श्रीमद्भागवत कथा: इस माह में भागवत कथा का श्रवण या पाठ करना मोक्ष प्रदायक माना गया है।
 
दान-पुण्य: अन्न, जल, वस्त्र और दीपदान का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ की भीषण गर्मी को देखते हुए मिट्टी का घड़ा/ मटका, सत्तू, छाता और पंखे का दान करना महापुण्य देता है।
 
तीर्थ स्नान: यदि संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करें। घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी फलदायी है।
 
ब्रह्मचर्य और सात्विकता: इस पूरे माह में सात्विक भोजन ग्रहण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।ALSO READ: साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य
 

क्या टालें/ क्या-क्या न करें?

 
अधिकमास को 'मलमास' भी कहा जाता है, जिसमें भौतिक और मांगलिक कार्यों की मनाही होती है:
 
मांगलिक कार्य वर्जित: इस दौरान विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत/ जनेऊ, गृह प्रवेश और कर्णवेध जैसे संस्कार नहीं किए जाते।
 
नए निवेश और व्यापार: नई दुकान खोलना, नया व्यवसाय शुरू करना या बड़ी अचल संपत्ति (मकान, प्लॉट) खरीदना टालना चाहिए।
 
तामसिक भोजन का त्याग: मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें।
 
विवाद से बचें: किसी का अपमान न करें, झूठ न बोलें और घर में क्लेश न होने दें।
 
विशेष टिप: इस महीने में कांसे के बर्तन में मालपुआ रखकर दान करना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इससे दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा

लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

01 November Birthday: आपको 1 नवंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 01 नवंबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

Annual Numerology 2027 : मूलांक 4 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जीवन में आएंगे कौनसे बदलाव? जानिए अंक भविष्यफल

Annual Numerology 2027 : मूलांक 3 वालों को नए अवसर मिलेंगे या बढ़ेंगी चुनौतियां? जानें वार्षिक अंक भविष्यफल

Weekly Horoscope: 2 से 8 नवंबर 2026 का राशिफल, क्या लेकर आ रहा नया सप्ताह? जानें अपना भविष्यफल

सभी देखें

Numerology Horoscope: 2 से 8 नवंबर 2026 का अंक राशिफल, क्या कहता है आपका मूलांक? किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार?

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 01 नवंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

नरक चतुर्दशी पर क्या करें और क्या नहीं? जानिए जरूरी नियम

रवि पुष्य नक्षत्र के दिन धन-वृद्धि और माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कौन-कौन से अचूक उपाय करने चाहिए?

Ravi Pushya Yoga 2026: दिवाली से पहले बना दुर्लभ रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी के शुभ मुहूर्त और सही पूजा विधि

अगला लेख