suvichar

28 जनवरी को मनेगी तिलकुंद/ वरद चतुर्थी, जानिए कैसे करें श्री गणेश का पूजन

Updated: सोमवार, 27 जनवरी 2020 (16:11 IST)
* जानिए विनायक चतुर्थी पर कैसे करें श्री गणेश का पूजन 
 
मंगलवार, 28 जनवरी 2020 को चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। यह तिथि भगवान श्री गणेश की तिथि है। हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार श्री गणेश की कृपा प्राप्ति से जीवन के सभी असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। इस बार यह तिथि मंगलवार को आने के कारण इसका महत्व अधिक बढ़ गया है। 
 
शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी तथा कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। कई स्थानों पर विनायक चतुर्थी को 'वरद विनायक चतुर्थी और तिलकुंद चतुर्थी' के नाम से भी जाना जाता है। वरद चतुर्थी व्रत करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस व्रत में भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा की जाती है।
 
 
इस दिन श्री गणेश की पूजा दोपहर-मध्याह्न में की जाती है। भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, विघ्नहर्ता यानी आपके सभी दु:खों को हरने वाले देवता। इसीलिए भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायक/विनायकी चतुर्थी और संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता हैं। इस दिन श्री गणेश का पूजन करना लाभदायी माना गया है। इस दिन गणेश की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-दौलत, आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ ज्ञान एवं बुद्धि की प्राप्ति भी होती है। 
 
कैसे करें वरद चतुर्थी पर विनायक का पूजन -
 
* ब्रह्म मूहर्त में उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान करें, लाल रंग के वस्त्र धारण करें। 
 
* दोपहर पूजन के समय अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार सोने, चांदी, पीतल, तांबा, मिट्टी अथवा सोने या चांदी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करें। 
 
* संकल्प के बाद षोडशोपचार पूजन कर श्री गणेश की आरती करें। 
 
* तत्पश्चात श्री गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर चढ़ाएं। 
 
* अब गणेश का प्रिय मंत्र- 'ॐ गं गणपतयै नम:' बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं। 
 
* श्री गणेश को बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्‍डुओं का ब्राह्मण को दान दें तथा 5 लड्‍डू श्री गणेश के चरणों में रखकर बाकी को प्रसाद स्वरूप बांट दें। 
 
* पूजन के समय श्री गणेश स्तोत्र, अथर्वशीर्ष, संकटनाशक गणेश स्त्रोत का पाठ करें। 
 
* ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा दें। 
 
* अपनी शक्ति हो तो उपवास करें अथवा शाम के समय खुद भोजन ग्रहण करें। 
 
* शाम के समय गणेश चतुर्थी कथा, श्रद्धानुसार गणेश स्तुति, श्री गणेश सहस्रनामावली, गणेश चालीसा, गणेश पुराण आदि का स्तवन करें। संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश की आरती करें तथा 'ॐ गणेशाय नम:' मंत्र की माला जपें। 

- RK 

ALSO READ: वसंत पंचमी 2020 : कब मनाएं पर्व, बन रहे हैं 2 बड़े शुभ संयोग

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति की पूजा के पूजन सामग्री की लिस्ट

पिठोरी अमावस्या: तिथि, नाम-महिमा, धार्मिक महत्व एवं पौराणिक कथा

हरतालिका तीज व्रत 2026: पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट, 16 पत्रों की महिमा और जानें संपूर्ण पूजा विधि

08 September Birthday: आपको 08 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (08 सितंबर, 2026)

अगला लेख