sundarkand

अमेरिकी हिन्दुओं और सिखों ने वर्जीनिया हिंसा की निंदा की

Updated: गुरुवार, 17 अगस्त 2017 (17:06 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिकी हिन्दुओं और सिखों ने वर्जीनिया में एक रैली के दौरान श्वेतों को  सर्वश्रेष्ठ मानने वाले नस्लवादियों द्वारा की गई हिंसा की निंदा की है। इस हिंसा में एक  महिला मारी गई है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टिप्पणियों में लगातार  इसके लिए दोनों पक्षों को जिम्मेदार ठहराया है।
 
शेरलोट्सविले में रैली का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कार घुस जाने से एक  महिला की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए थे।
 
हिन्दू-अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने एक बयान में कहा कि शेरलोट्सविले में पिछले  सप्ताहांत हमारे देश ने जो देखा, वो हिंसक रूप से यह बताता है कि जब अंतरनिहित और  स्पष्ट तौर पर हिंसा के साथ नफरत, असहिष्णुता, अलग-अलग विचारधाराओं की  अभिव्यक्ति सामने आती है तो सहिष्णुता अपनी हद खो सकती है और ऐसे शब्दों तथा  कार्रवाइयों को स्वीकार नहीं करना चाहिए बल्कि इनकी निंदा करनी चाहिए। 
 
एचएएफ ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी समाज में श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ मानने वाले  नस्लवादियों, श्वेत राष्ट्रवाद, यहूदी विरोधी भावना, नव नाजीवाद, कू क्लक्स क्लान या  अज्ञानता और कट्टरता से जुड़ी किसी तरह की विचारधारा की कोई जगह नहीं है। नेशनल  सिख कैम्पेन के सह संस्थापक राजवंत सिंह ने कहा कि शेरलोट्सविले में जो हुआ, वह  शर्मनाक और निंदनीय है। (भाषा)

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

अगला लेख