sundarkand

COVID-19 Lock Down पर कविता : चलो घर बैठ रिश्ते निभाते हैं

Updated: शनिवार, 28 मार्च 2020 (18:04 IST)
चलो घर बैठ रिश्ते निभाते हैं, 
 
ना तुम जल्दी ऑफ़िस जाना,
ना तुम देर से घर आना, 
घर से ही काम कर काम चलाना !
 
सुबह मैं देर तक सोती रहूं, 
चाय बना तुम करना सूरज का स्वागत,
चिड़ियों को दाना डाल पानी रखना, 
मुझे जगाने की प्यार से कोशिश करना !
 
घड़ी की सुइयां छेड़ेंगी हर सुबह,
लंबी रातों से उकता हर रोज़ सबेरे,
अलार्म बंद कर भूल जाना उठाना, 
सपनों की बतिया दोपहरी में सुनाना !
 
पुरानी तस्वीरों का खोल पिटारा,
यादों में उलझ करेंगे हिसाब, 
चलो गलतियों की मांगे माफ़ी,
आनेवाली यादें बनाएं खूबसूरत !
 
उल्टी गंगा बहाएं घर बना गढ़, 
आधे-आधे बांट लें अधिकार, 
आधे कर्तव्य निभाएं एकदूजे के, 
अर्द्धनारीश्वर बन पूरक दूजे के !
 
थोड़े तुम थोड़ा मैं बदलूंगी, 
बाहरी हवा खतरनाक है, 
भीतर की हवा प्राणवायु, 
जीतना है जंग शुद्ध रख इसे !
 
सुनो अब तक घर मैंने संभाला, 
अनिश्चित समय काल है अभी, 
घर में मेहमान नहीं साथी बनोगे,
पुरानी उलझनें फिर कभी सही !
 
चलो घर बैठे रिश्ते निभाते हैं, 
पुराने रिश्ते नए समझ अपनाएं, 
कोरोना के कहर से बचाकर, 
एक मौका मिला है सदुपयोग करें !
 
जोड़ ह्रदय से हृदय के रिश्ते,
हमारे रसायन को दें नई संज्ञा, 
जोड़ें रिश्ते प्रकृति से, अपनों से, 
भीतर प्रकाश से जो भूले हम !
 
कलयुग का कदापि अंत हो रहा, 
इस तरह सतयुग का करें शुभारंभ, 
सुधार कलयुगी गलतियां जो की थी,
रिश्तों से साकार भविष्य करें सृजन !
 
लेखक के बारे में
रेखा भाटिया

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो

डॉ अंजना चक्रपाणि मिश्र की दो नवीन कृतियों 'मन अनहद नाद' और 'अनकहे से संवाद' का भव्य विमोचन

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

अगला लेख