प्रभाव नहीं डाल नहीं पाए दिल्ली के निर्दलीय

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 18 मई 2014 (12:37 IST)
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नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली से रूबी यादव और पश्चिम दिल्ली के 'आप' उम्मीदवार के दो हमनाम को अपवाद माना जाए तो दिल्ली में लोकसभा सीटों से भाग्य आजमा रहे 57 में से अधिकतर का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा।


सभी को केवल हार का ही नहीं सामना करना पड़ा, बल्कि ‘नोटा’ से भी कम वोट मिला। 7 लोकसभा सीटों पर हुए चुनाव में कुल वोटरों में 39,368 लोगों यानी 0.5 प्रतिशत ने नोटा का इस्तेमाल किया।

सबसे ज्यादा 13 निर्दलीय नई दिल्ली लोकसभा सीट से किस्मत आजमा रहे थे, जहां भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने 'आप' उम्मीदवार आशीष खेतान को हराया। यहां पर निर्दलीय उम्मीदवारों में 20,028 वोट रवि कुमार को इसके बाद रूबीना खान को 1,260 वोट मिले बाकी 11 को 3 अंकों में ही वोट से संतोष करना पड़ा।

दक्षिण दिल्ली सीट से 10 निर्दलीय मैदान में थे। पिछले साल दिसंबर में ‘मिसेज इंडिया क्वीन’ का खिताब जीत चुकी रूबी यादव भी भाग्य आजमा रही थी और वे लोगों का ध्यान कुछ हद तक खींचने में सफल रहीं। उन्होंने 56,749 वोट हासिल किया। वे भाजपा के रमेश बिधूड़ी के खिलाफ खड़ी थीं तथा चौथे नंबर पर रहीं।

चांदनी चौक से 8 निर्दलीय थे। यहां पर 'आप' के उम्मीदवार आशुतोष दूसरे स्थान पर रहे वहीं उनके हमनाम ने 4,504 वोट प्राप्त किया। एक अन्य निर्दलीय दिलदार हुसैन बेग को 28,605 वोट प्राप्त हुए।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में 8 निर्दलीय थे लेकिन किसी को पर्याप्त संख्या में वोट भी नहीं मिला। यहां पर भाजपा उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेता गायक मनोज तिवारी ने 'आप' उम्मीदवार आनंद कुमार को 1,44,084 वोट से हराया।
सबसे दिलचस्प स्थिति तो पश्चिम दिल्ली की रही, जहां 'आप' उम्मीदवार जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि 2 अन्य उम्मीदवारों का नाम भी जरनैल रहने से वोटर भ्रमित हो गए। जरनैल भाजपा के प्रवेश वर्मा से 2,68,586 वोट से हार गए जबकि 2 अन्य जरनैल सिंह ने कुल 90,682 वोट हासिल किए। इस सीट से कुल 6 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे।

पूर्वी दिल्ली और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में प्रत्येक में 6-6 निर्दलीय भाग्य आजमा रहे थे लेकिन कोई भी हजार से ज्यादा वोट प्राप्त करने में कामयाब नहीं हो पाया। (भाषा)



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