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नवरात्रि 2020 : तारा शक्तिपीठ के 10 रहस्य

बुधवार,सितम्बर 23, 2020
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नवरात्रों में गरबे की धूम क्या होती है, यह बात किसी से छुपी नहीं है, वहीं कोरोना काल में इस खास अवसर को लोग घरों में सेलेब्रेट करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, क्योंकि सेहत के मामले में किसी बात की कोई कोताही नहीं। वहीं गरबे की प्रैक्टिस के दौरान ...
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हिन्दू धर्म में उपवास का बहुत महत्व है। आपको तय करना चाहिए कि आपको किस तरह के उपवास रखना चाहिए। एकादशी, प्रदोष, चतुर्थी, सावन सोमवार या नवरात्रि आदि। यदि आप चाहते हैं कि में नवरात्रियों के ही उपवास रखूं तो यह वर्ष में 36 होते हैं। यह बहुत ही ...
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नवरात्र उत्सव में श्रृंगार का बहुत खास महत्व होता है, वहीं जब बात होती है गरबे कि तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाए हुए हैं ताकि इस संक्रमण से बचा जा सके। लेकिन आप ...
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नवरात्र उत्सव में श्रृंगार का अपना ही एक अलग महत्व है, वहीं गरबे में भाग लेने का क्रेज हर उम्र के लोगों में देखा जाता है चाहे वह बच्चा हो, युवा हो या बुजुर्ग सभी में गरबे को लेकर उत्साह बहुत अधिक होता है। लेकिन कोरोना काल में इस उत्सव को उस तरह से ...
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इस बार अधिकमास के चलते नवरात्रि का पर्व देरी से आरंभ हो रहा है। 18 सितंबर से अधिक मास लगा है जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। उसके बाद 17 अक्टूबर से नवरात्रि महोत्सव आरंभ होगा... जानिए नवदुर्गा के हर दिन की ‍तारीख...
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इस साल पितृ पक्ष के एक माह बाद शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। हर साल पितृ अमावस्या के अगले दिन से शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते थे। क्योंकि इस बार श्राद्ध पक्ष के समाप्त होते ही अधिक मास लग जाएगा। इसलिए शारदीय नवरात्र करीब एक माह बाद शुरू होंगे।
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वैष्णो देवी का विश्व प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में कटरा नगर के समीप की पहाड़ियों पर स्थित है। इन पहाड़ियों को त्रिकुटा पहाड़ी कहते हैं। यहीं पर लगभग 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है मातारानी का मंदिर। यह ...
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सभी नवरात्रियों की तरह ही तंत्र, मंत्र और यंत्र सिद्धि के लिए गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व है। आइए जानें गुप्त नवरात्रि के 12 राशियों के विशेष विलक्षण मंत्र-
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हिन्दू धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, चाहे वो गुप्त नवरात्रि हो या फिर चैत्र या शारदीय नवरात्रि। इन दिनों मां दुर्गा की उपासना के महत्वपूर्ण दिन माने जाते हैं।
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लौकी और खोया का जायकेदार हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में घी डालकर किसी हुई लौकी को हल्का भूनकर अलग रख लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा पानी डालें, फिर चीनी डालें।
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इडली बनाने से 1 घंटे पूर्व समा के चावल को भिगोकर रखें। तत्पश्चात उसमें आलू, हरी मिर्च व अदरक डालकर मिक्सी में पीस लें। नमक, दही डालकर घोल को 1-2 घंटे धूप में रख दें।
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दस महाविद्याओं में से एक है माता ललिता। इन्हें राज राजेश्वरी और त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है। षोडशी माहेश्वरी शक्ति की विग्रह वाली शक्ति है। इनकी चार भुजा और तीन नेत्र हैं। इनमें षोडश कलाएं पूर्ण है
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गुप्त नवरात्रि तुरंत फलदायक पर्व है। कोई व्यक्ति यदि महाविद्याओं के मंत्रों को अपने शुभ गुप्त उद्देश्यों या इच्छाओं की प्राप्ति के लिए सच्चे मन से जप करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती है।
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गुप्त नवरात्रि से जुड़ी प्रामाणिक एवं प्राचीन कथा यह है। इस कथा के अनुसार एक समय ऋषि श्रृंगी भक्तजनों को दर्शन दे रहे थे।
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सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ परम मंगलकारी है। मां दुर्गा के इस पाठ का जो मनुष्य विषम परिस्थितियों में वाचन करता है उसके समस्त कष्टों का अंत होता है।
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गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन मां तारा देवी की पूजा होगी। यह गुप्त नवरात्रि की दूसरी शक्ति हैं। आद्य शक्ति हैं। महाविद्या हैं। महादेवी हैं। मां के अमृतमयी दूध की शक्ति हैं।
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गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 22 जून से शुरू होकर 29 जून 2020 तक जारी रहेगी। ज्ञात हो कि वर्ष में आदि शक्ति मां भगवती की उपासना के लिए चार नवरात्रि आती है।
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हिन्दू माह के अनुसार नवरात्रि वर्ष में चार बार आती है। यह चार माह है:- माघ, चैत्र, आषाढ और अश्विन। चैत्र माह की नवरात्रि को बड़ी नवरात्रि और अश्विन माह की नवरात्रि को छोटी नवरात्रि कहते हैं। तुलजा भवानी बड़ी माता है तो चामुण्डा माता छोटी माता है। ...
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जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥
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