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chaitra navratri Shree Ram mantra : चैत्र नवरात्रि से रामनवमी तक पढ़ें श्रीराम के 10 मंत्र

रविवार,मार्च 29, 2020
shri ram ke mantra
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मां कात्यायनी को नवरात्रि में छठे दिन पूजा जाता है। कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना की। कठिन तपस्या की।
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मां दुर्गा की छठी विभूति हैं मां कात्यायनी। मां कात्यायनी की साधना का समय गोधूली काल है। इस समय में धूप, दीप, गुग्गुल से मां की पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।
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नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी को पूजा जाता है। यह देवी भक्तों के रोग, शोक, संताप और भय नष्ट करती हैं। आइए पढ़ें आरती-
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भगवान श्रीकृष्ण को हर समय एक देवी साथ देती थी। महाभारत के युद्ध के पूर्व भी श्रीकृष्ण ने माता की पूजा की थी। आओ जानते हैं कि वे कौनसी देवी थी।
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नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की उपासना की जाती है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम दिया गया है। भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं।
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नवरात्रि में पांचवें दिन स्कंदमाता देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस देवी की चार भुजाएं हैं। ये दाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कंद को गोद में पकड़े हुए हैं।
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स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता देवी स्कंदमाता की उपासना नवरात्रि के पांचवें दिन की जाती है। आइए पढ़ें आरती...
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प्रतिदिन देवी सहस्रनामावली यानी दुर्गा के 1000 नाम का जाप करना बहुत लाभदायी है। मां दुर्गा के 1000 दुर्लभ नामों का जप हमें संसार की हर आपदा से, हर संकट और विघ्नों से बचाते हैं। जीवन को वैभवशाली और ऐश्वर्यशाली बनाते हैं। श्री देवी सहस्रनामावली के इन ...
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वेदी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गाप्तसति और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। यहां प्रस्तुत है मां दुर्गा के प्रसिद्ध 10 के चमत्कारिक और सिद्ध ...
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नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-आराधना की जाती है। नवरात्रि में इस दिन भी रोज की भांति सबसे पहले कलश की पूजा कर माता कूष्मांडा को नमन करें।
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सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्मांडा शुभदास्तु मे।
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दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि देवी को देवताओं ने अपने अस्त्र-शस्त्र व हथियार सौपें थे ताकि असुरों के साथ होने वाले संग्रामों में विजय प्राप्त हो व धर्म सदैव स्थापित रहे, अधर्म का नाश हो व सद्मार्ग की गति बनी रहे। देवी के सर्वाधिक अर्थात् अट्ठारह ...
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सृष्टि की आदिस्वरूपा या आदिशक्ति मानी जाने वाली मां कूष्मांडा की आराधना नवरात्रि में चौथे दिन की जाती है। यहां पढ़ें उनकी आरती-
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चैत्र नवरात्रि में व्रत रखा है तो कई घरों में सप्तमी, अष्टमी या नवमी को व्रत का समापन करते हैं। समापन के दौरान कई तरह के व्यंजन बनाते हैं। व्यंजन बनाते वक्त निम्नलिखित भोजन का ग्रहण करने से बचें। वैसे यह नियम सभी सप्तमियों पर लागू होते हैं।
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नवरात्रि की तृतीया को होती है देवी चंद्रघंटा की उपासना। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंधप्रिय है। उनका वाहन सिंह है।
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नवरात्रि में तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा का महत्व है। इस देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। इस देवी की आराधना से मनचाही सफलता मिलती है। आइए पढ़ें चंद्रघंटा माता की आरती :
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चैत्र नवरात्रि में व्रत रखना सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। इस दौरान अनाज, नमक, लहसुन, प्याज शक्कर, तेल और सब्जी नहीं खाते हैं और ना ही चाय, कॉफी पीते है। आओ जानते हैं कि नवरात्रि की 9 डाइट कौन सी है।
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नवरात्रि में तीसरे दिन चंद्रघंटा देवी की पूजा का महत्व है। इस देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और
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चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 25 मार्च से हो चुकी है और ये 2 अप्रैल तक रहेगी। यदि आप नवरात्रि का व्रत रख रहें हैं तो आपको 9 खास नियमों का पालन करना चाहिए।
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