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दुर्गाष्टमी 2020: यश और समृद्धि चाहिए तो जपें महागौरी के मंत्र, पढ़ें पूजन विधि

Updated: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020 (15:58 IST)
नवरात्रि में दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी रूप का पूजन किया जाता है। सुंदर, अति गौर वर्ण होने के कारण इन्हें महागौरी कहा जाता है।
 
पढ़ें दुर्गाष्टमी महागौरी की पूजा विधि :
 
नवरात्रि के आठवें दिन, शक्ति स्वरूपा महागौरी का दिन होता है।
 
इस दिन कन्या पूजन और उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराने का अत्यंत महत्व है।
 
सौभाग्य प्राप्‍ति और सुहाग की मंगल कामना लेकर मां को चुनरी भेंट करने का भी इस दिन विशेष महत्व है।
 
मां की आराधना हेतु सर्वप्रथम देवी महागौरी का ध्यान करें।
 
हाथ जोड़कर इस मंत्र का उच्चारण करें -
 
'सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यामाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥'
 
इस मंत्र के उच्चारण के पश्चात महागौरी देवी के विशेष मंत्रों का जाप करें और मां का ध्यान कर उनसे सुख, सौभाग्य हेतु प्रार्थना करें।
 
महागौरी के मंत्र :
 
1- श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
 
2- या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
 
3. ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
 
इस तरह महागौरी की आराधना से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं, समस्त पापों का नाश होता है, सुख-सौभाग्य की प्राप्‍ति होती है और हर मनोकामना पूर्ण होती है।
 
प्रसाद- नवरात्रि के आठवें दिन माता रानी को नारियल का भोग लगाएं व नारियल का दान कर दें। इससे संतान संबंधी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
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