शारदीय नवरात्रि हवन कब करें, जानिए सबसे अच्छा मुहूर्त कौन सा है
नवरात्रि की नवमी तिथि का प्रारंभ 24 अक्टूबर दिन शनिवार को सुबह 06 बजकर 58 मिनट से हो रहा है, जो 25 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 41 मिनट तक है।
ऐसे में नवमी 25 अक्टूबर को है तथा महानवमी का हवन भी रविवार की सुबह होगा। नवमी के दिन प्रात:काल में हवन के लिए 01 घंटा 13 मिनट का समय है। आपको सुबह 06 बजकर 28 मिनट से प्रात:काल 07 बजकर 41 मिनट के मध्य हवन कर लेना चाहिए।
इसके अलावा जो लोग महाष्टमी या दुर्गा अष्टमी के दिन हवन करते हैं तो दुर्गा अष्टमी का व्रत 24 अक्टूबर को है। इस दिन महानवमी की तिथि लग जा रही है। उस दिन सुबह 06 बजकर 58 मिनट से शाम को 05 बजकर 42 मिनट तक हवन का मुहूर्त है।
कन्या पूजन
हवन के बाद ही कन्या पूजन किया जाता है। ऐसे में दुर्गा अष्टमी या महानवमी के हवन के बाद कन्या पूजन कर लें। इसमें 02 से 10 वर्ष की आयु की 9 कन्याओं और एक छोटे बालक को भोज कराया जाता है। बालक बटुक भैरव का रूप होते हैं।
यदि आपके यहां दुर्गा अष्टमी के दिन ही हवन होता है तो आप कन्या पूजन के बाद व्रत का उद्यापन कर सकते हैं और पारण करके व्रत को पूरा कर सकते हैं। अन्यथा महानवमी के दिन हवन के बाद कन्या पूजा करें, उनसे आशीर्वाद लेने के बाद नवरात्रि व्रत का उद्यापन पारण के साथ करें।
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