Hanuman Chalisa

श्री दुर्गा नवरात्रि कथा: नवरात्रि के आठवें दिन की देवी हैं 'मां महागौरी', पढ़ें पावन कथा

Maa Mahagauri Story
श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया॥
 
नवरात्रि में आठवें दिन महागौरी शक्ति की पूजा की जाती है। नाम से प्रकट है कि इनका रूप पूर्णतः गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है।
 
अष्टवर्षा भवेद् गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। इसीलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है। 4 भुजाएं हैं और वाहन वृषभ है इसीलिए वृषारूढ़ा भी कहा गया है। इनके ऊपर वाला दाहिना हाथ अभय मुद्रा है तथा नीचे वाला हाथ त्रिशूल धारण किया हुआ है। ऊपर वाले बांये हाथ में डमरू धारण कर रखा है और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है।
 
इनकी पूरी मुद्रा बहुत शांत है। पति रूप में शिव को प्राप्त करने के लिए महागौरी ने कठोर तपस्या की थी। इसी वजह से इनका शरीर काला पड़ गया लेकिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने इनके शरीर को गंगा के पवित्र जल से धोकर कांतिमय बना दिया। उनका रूप गौर वर्ण का हो गया। इसीलिए ये महागौरी कहलाईं।
 
ये अमोघ फलदायिनी हैं और इनकी पूजा से भक्तों के तमाम कल्मष धुल जाते हैं। पूर्वसंचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं। महागौरी का पूजन-अर्चन, उपासना-आराधना कल्याणकारी है। इनकी कृपा से अलौकिक सिद्धियां भी प्राप्त होती हैं।

ALSO READ: जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी : पढ़ें मां दुर्गा की दिव्य आरती

ALSO READ: महाष्टमी पर किस समय करें हवन, जानिए सबसे शुभ मुहूर्त

Show comments

सभी देखें

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित

Vakri Budh Effect: बुध की कर्क राशि में वक्री चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

सभी देखें

राहुकाल का सच: क्या यह सिर्फ अंधविश्वास है या इसके पीछे है वैज्ञानिक और ज्योतिषीय आधार?

आकाश में बना 'गजकेसरी राजयोग': जानिए किन राशियों पर बरसेगी गुरु-चंद्र की कृपा

सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सतर्क?

Sankashti Chaturthi 2026: आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा है महासंयोग, जरूर पढ़ें यह पौराणिक व्रत कथा

Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?

अगला लेख