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शारदीय नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी को भूल से भी ये न खाएं, वर्ना होगा नुकसान

Nishedh bhojan
नवरात्रि में सप्तमी, अष्टमी और नवमी को खास महत्व होता है। इस दिन कई घरों में विशेष पूजा के बाद व्रत का पारण होता है और साथ ही कन्याओं को भोजन कराया जाता है। इस दिन भोजन बनाते समय निम्नलिखित भोजन का ग्रहण करने से बचें, क्योंकि इस दिन ये भोजन नहीं खाते हैं। यह नियम सभी सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर लागू होते हैं।
 
 
1. सप्तमी : सप्तमी के दिन ताड़ का फल खाना निषेध है। इसको इस दिन खाने से रोग होता है। यदि सप्तमी मंगलवार को है तो घी का सेवन भी नहीं करना चाहिए। 
 
2. अष्टमी : अष्टमी के दिन नारियल खाना निषेध है, क्योंकि इसके खाने से बुद्धि का नाश होता है। इसके आवला तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना निषेध है। यदि अष्टमी बुधवार की है तो हरी सब्जी का त्याग करें।
3. नवमी : नवमी के दिन लौकी खाना निषेध है, क्योंकि इस दिन लौकी का सेवन गौ-मांस के समान माना गया है। यदि नवमी गुरुवार की है तो केले और दूध का त्याग करें।
 
क्या बनता है इस दिन : इस दिन कड़ी, पूरणपौली, खीर, पूरी, साग, भजिये, हलवा, घेवर, कद्दू या आलू की सब्जी बनाई जा सकती है। उक्त दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करके विधिवत समापन करें और कन्याओं को भोजन कराएं।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें
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