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बसंत पंचमी पर माता सरस्वती के अलावा किसकी होती है पूजा? वैवाहिक जीवन में मिलता है लाभ

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 29 जनवरी 2025 (17:10 IST)
Annotsav 2025:  वसंत पंचमी के दिन मदनोत्सव भी रहता है, जिसे वसंतोत्सव कहते हैं। मदन नाम कामदेव का ही नाम है। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती के अलावा कामदेव की पूजा का भी प्रचलन है। कामदेव जी को भगवान शिव में अपने तिसरे नेत्र से भस्म कर दिया था और बाद में रति को दिए वरदान के तहत कामदेव ने श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न के रूप में जन्म लिया था।ALSO READ: बसंत पंचमी पर इन नियमों के साथ स्थापित करें मां सरस्वती की प्रतिमा, मिलेगा मां शारदा का आशीर्वाद
 
1. वसंत पंचमी के दिन कामदेव की पूजा की जाती है। कामदेव की पूजा करने से वैवाहिक जीवन या विवाह करने में आ रही बाधा दूर होगी। 
 
2. मुद्गल पुराण के अनुसार कामदेव का वास यौवन, स्त्री, सुंदर फूल, गीत, पराग कण या फूलों का रस, पक्षियों की मीठी आवाज, सुंदर बाग-बगीचों, वसंत ऋ‍तु, चंदन, काम-वासनाओं में लिप्त मनुष्य की संगति, छुपे अंग, सुहानी और मंद हवा, रहने के सुंदर स्थान, आकर्षक वस्त्र और सुंदर आभूषण धारण किए शरीरों में रहता है। इसके अलावा कामदेव स्त्रियों के शरीर में भी वास करते हैं, खासतौर पर स्त्रियों के नयन, ललाट, भौंह और होठों पर इनका प्रभाव काफी रहता है।
 
यौवनं स्त्री च पुष्पाणि सुवासानि महामते:।
गानं मधुरश्चैव मृदुलाण्डजशब्दक:।।
उद्यानानि वसन्तश्च सुवासाश्चन्दनादय:।
सङ्गो विषयसक्तानां नराणां गुह्यदर्शनम्।।
वायुर्मद: सुवासश्र्च वस्त्राण्यपि नवानि वै।
भूषणादिकमेवं ते देहा नाना कृता मया।।
 
बसंत पंचमी को परिणय सूत्र में बंधने के लिए भी बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है। इस दिन विवाह संबंध तट करना, सगाई करना या विवाह करना शुभ माना जाता है। ALSO READ: बसंत पंचमी पर क्या है सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त और जानिए पूजा की विधि सामग्री एवं मंत्र सहित
 

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