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सायबर सेल और क्राइम ब्रांच मिलकर भी नहीं सुलझा पा रहे Digital Arrest के केस, क्‍यों चुनौती बना सायबर क्राइम

Updated: बुधवार, 9 अक्टूबर 2024 (16:44 IST)
why Digital arrest cases are not being resolved : इंदौर समेत Digital Arrest के मामले देशभर में बेइंतहा तरीके से बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन ऐसे सायबर अपराध को रोकना पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। सायबर सेल से लेकर क्राइम ब्रांच की पूरी टीम मिलकर भी इन मामलों को न तो रोक पा रही है और न ही सुलझा पा रही है।

इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ इंदौर में ही पिछले कुछ दिनों में डिजिटल अरेस्‍ट कर सायबर ठगी के कुल 28 मामले सामने आ चुके हैं। एक तरफ सायबर सेल और क्राइम ब्रांच लगातार शहर के स्‍कूल-कॉलेज और विभिन्‍न संगठनों के माध्‍यम से जागरूकता अभियान चला रही है तो वहीं सायबर ठग बहुत शातिराना तरीके से लोगों से लाखों लोगों को ठग कर पुलिस को चकमा दे रहे हैं। कुल मिलाकर डिजिटल अरेस्ट के मामलों तेजी से बढ़ रह हैं और पुलिस इनके सामने पस्त और बेबस नजर आ रही है। हाईटेक ठग लगातार नागरिकों को शिकार बना रहे। सवाल यह है कि है कि आखिर क्‍यों पुलिस के लिए यह इनता चुनौतीपूर्ण हो गया है।

सिर्फ 7 आरोपी गिरफ्त में : इंदौर में घटे डिजिटल अरेस्ट के 28 मामलों में पुलिस को अब तक कोई खास सफलता नहीं मिल सकी है। ज्‍यादातर मामलों में आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। आधुनिक तकनीक से लैस सायबर सेल के बावजूद पुलिस ठगी के शिकार लोगों को उनकी राशि नहीं दिला पा रही है। 1 जनवरी से अब तक इंदौर में डिजिटल अरेस्ट के 28 मामलों में सिर्फ 7 आरोपियों को गिरफ्त में ले सकी है।

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गलती न करें, खुद ही बचना होगा : सायबर क्राइम आज पूरे देश की पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। मध्‍यप्रदेश से लेकर दिल्‍ली और यूपी के लखनऊ से लेकर पंजाब- हरियाणा और गुजरात तक सायबर अपराधी बेहद शातिर तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। अब तो डॉक्‍टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक जैसे पढे लिखे लोग तक इसका शिकार हो रहे हैं। इस बारे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हम जितना डिजिटाइजेशन की तरफ आगे बढ़ते जाएंगे, इस तरह के अपराधों में भी बढ़ोतरी होगी, मगर इसे रोकने और साइबर सिक्योरिटी को मजबूत बनाने, साइबर अटैक को रोकने और इनमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए हम कई प्रभावी कदम उठाने होंगे। ज्यादातर साइबर अपराध किसी अपनी ही गलती की वजह से होते हैं। इसलिए साइबर अपराधों से बचने के लिए खुद भी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

Digital Arrest से कैसे बचें?
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें

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