biodatamaker

AIIMS समेत देश के 21 बड़े अस्पतालों में सुपरबग का खतरा, ICMR का खुलासा, कितना खतरनाक है?

Updated: बुधवार, 11 सितम्बर 2024 (12:48 IST)
इलाज के दौरान मरीज को ठीक करने के लिए कई तरह की दवाइयों का इस्तेमाल होता है। इन दवाइयों का इस्तेमाल करने के बाद अच्छे से डिस्पोज करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। अगर इन दवाओं को ठीक से डिस्पोज नहीं किया गया तो इससे मानव शरीर को बहुत ही ज्यादा नुकसान पहुंचता है। ICMR की ताजा रिपोर्ट में इसी सुपरबग्‍स को लेकर खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के 21 बड़े अस्पताल में सुपरबग पाया गया है। इसमें ओपीडी से लेकर वार्ड और आईसीयू तक शामिल हैं। पहले जानते हैं क्‍या होता है सुपरबग।

क्‍या होता है सुपरबग : दरअसल, जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या पैरासाइट्स समय के साथ बदलते हैं और दवाओं का उन पर असर नहीं होता है, एंटीमाइक्रोबायल रेजिस्टेंट (AMR) पैदा होता है। ऐसे समय में संक्रमण का इलाज काफी मुश्किल हो जाता है। सुपरबग को एंटीबायोटिक-रेसिस्टेंट बैक्टीरिया भी कहते हैं।

OPD और ICU में मिला सुबरबग: ICMR  की Antimicrobial Resistance Research & Surveillance Network की सालाना रिपोर्ट में सामने आया है कि देश के 21 बडे अस्‍पतालों में सुपरर्बग श्रेणी के जोखिम भरे बैक्टीरिया पाए गए जो OPD वार्ड और ICU तक में मौजूद हैं। ये वो हॉस्पिटल हैं, जहां देश कि सबसे ज्यादा आबादी इलाज के लिए पहुंचती है। इसमें दिल्ली एम्स से लेकर चंडीगढ़ PGI और दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल से लेकर चेन्नई का अपोलो अस्पताल शामिल है।

कैसे मिला सुपरबर्ग : हालांकि सामने आया ये डेटा 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 के बीच का है। इसमें अस्पताल पहुंचने वाले करीब 1 लाख मरीज के ब्लड, मल मूत्र, पस, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से CSF नमूने लेकर जांच की गई। जांच में घातक बैक्टीरिया और सुपरबग की पहचान की गई तो करीब 10 तरह के घातक बैक्टीरिया मिले हैं। ये लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुपरबग की श्रेणी में आते हैं।

कौन-कौन से रोगजनक मिले : क्लेबसिएला निमोनिया, एस्चेरिचिया कोलाई के अलावा एसिनेटोबैक्टर बाउमानी, स्यूडोमोनास एरुगिनोसा, स्टैफिलोकोकस ऑरियस, एंटरोकोकस फेकेलिस, एंटरोकॉकस फेसियम, स्टैफाइलोकोकस हेमोलिटिकस, स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिडिस और एंटरोबैक्टर क्लोएसी शामिल है।

इन अस्पतालों में मिला सुपरबग : आईसीएमआर ने देश में 4 संस्थान को नोडल केंद्र बनाया है। इसमें दिल्ली एम्स, चंडीगढ़ पीजीआई, सीएमसी वैल्लोर और पांडिचेरी स्थित जेआईपीएमईआर शामिल हैं। इन अस्पतालों के साथ साथ दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली एम्स ट्रामा सेंटर और उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित केजीएमयू में मरीजों का नमूना लिया है। इनके अलावा पुणे स्थित एएफएमसी, भोपाल एम्स, जोधपुर एम्स, अपोलो अस्पताल चैन्ने, असम मेडिकल कॉलेज, कोलकाता मेडिकल कॉलेज, कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल कॉलेज, इम्फाल स्थित रिम्स, मुंबई का पीडी हिंदुजा अस्पताल, वर्धा स्थित एमजीआईएमएस, मणिपाल स्थित केएमसी और श्रीनगर के एसकेआईएमएस अस्पताल सहित 21 अस्पतालों को शामिल किया है।
Edited By: Navin Rangiyal
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

CJP आंदोलन के बीच CBI का बड़ा खुलासा, NEET-UG पेपर लीक केस में संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत

Kia Syros EV भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत 13.49 लाख रुपए एक चार्ज में मिलेगी 526 किमी की रेंज

Samsung Galaxy Z Fold8, Fold8 Ultra और Flip8 लॉन्च: दमदार AI फीचर्स, नया डिजाइन और शानदार कैमरा के साथ आए नए फोल्डेबल स्मार्टफोन

गुजरात में बारिश का तांडव, वलसाड में 36 इंच, 7 ट्रेनें रद्द, सेना अलर्ट पर

सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जब्त हुई जमानत, 3 माह में करना होगा सरेंडर

सभी देखें

2 सितंबर को सस्ते Electric Scooter की धमाकेदार एंट्री, तहलका मचा देंगे फीचर्स

Gujarat Heavy Rain : गुजरात में बारिश का कहर, 38000 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए, कई जिलों में रेड अलर्ट, देश के कई राज्यों में भी भारी बारिश का खतरा

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप

भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्‍लीज

CJP Protest : 2 घंटे तक चली CJP की केंद्रीय मंत्रियों से मीटिंग, क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

अगला लेख