West Bengal Election 2021 : मोदी ने ममता को धोखेबाज बताया, ममता बोलीं- झूठे हैं मोदी

Last Updated: सोमवार, 8 मार्च 2021 (00:40 IST)
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां एक रैली में की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य के लोगों को ‘धोखा देने और अपमानित करने’ का आरोप लगाया। इस पर, प्रमुख ने पलटवार करते हुए उन्हें ‘झूठा’ करार दिया।
राज्य विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ममता पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जनता की 'दीदी' बनने की बजाय अपने 'भतीजे' की 'बुआ' बनना पसंद किया।

गौरतलब है कि भाजपा ममता पर आरोप लगाती रही है कि वे डायमंड हार्बर से सांसद और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला मुख्यमंत्री बनाने के प्रयास में जुटी हैं।
वहीं, यहां से करीब 600 किमी दूर उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में ममता ने मार्च किया और एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी राज्य में ‘मतदाताओं को गुमराह करने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं।’

राज्य में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

मोदी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर हमला करते हुए कहा कि आपने बंगाल के उन लोगों को धोखा दिया और अपमान किया, जिन्होंने भरोसा किया था कि वाम शासन के बाद आप परिवर्तन लाएंगी। आपने उनकी उम्मीद और सपनों को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी ने उन लोगों को नजरअंदाज कर, भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया, जो उन्हें प्यार से 'दीदी' कहते हैं।
रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन मार्च के बाद सिलीगुड़ी में रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इतने वर्षों में कई ‘खोखले’ वादे किए और लोगों को अब उन पर विश्वास नहीं है।

उन्होंने जानना चाहा कि प्रधानमंत्री ने हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये क्यों नहीं जमा किए, जैसा कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था।’
ममता ने अपने संबोधन में कहा कि आपने कई खोखले वादे किए हैं। लोग हमेशा आपके झूठ को स्वीकार नहीं करेंगे। हम मांग करते हैं कि आप एलपीजी सिलेंडर देश के हर नागरिक के लिए सस्ता करिए। आपने एलपीजी सिलेंडर आम आदमी की पहुंच से दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी को ‘झूठ बोलने की अपनी आदत पर शर्मिंदा होना चाहिए।'

उन्होंने कहा कि वे बंगला में भाषण देते हैं जबकि स्क्रिप्ट हमेशा गुजराती में लिखा होता है और उनके सामने पारदर्शी शीशे के अंदर रखा होता है। वह बहाना करते हैं कि वह अच्छी तरह बांग्ला भाषा जानते हैं।
उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी ने विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी। आपकी पार्टी ने बिरसा मुंडा का अपमान किया। आपकी पार्टी ने गलत तरीके से कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म शांतिनिकेतन में हुआ था। यह बंगाल और इसकी संस्कृति के बारे में आपके ज्ञान की गहराई को दर्शाता है।

ममता ने ‘दंगा भड़काने वाली भाजपा’के खिलाफ लोगों से आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा, ‘बंगाल के लोग समुदाय और भाषा की बाधाओं से अलग शांति से रह रहे थे, जो राज्य में भगवा दल के सत्ता में आने के बाद काफी तनाव में रहेंगे।’
उधर, कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में लाखों भाजपा समर्थक एकत्र हुए थे। भाजपा के झंडों और कमल निशान से शहर और रैली स्थल भगवा रंग में रंगा नजर आया। रैली के दौरान मैदान और आसपास का इलाका 'जय श्री राम' और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और ममता जैसे प्रतिद्वंद्वी नेताओं पर पलटवार करते हुए मोदी ने कहा कि वे मित्रता का मूल्य समझते हैं। कई विपक्षी नेता मोदी पर कुछ खास उद्योगपति मित्रों का पक्ष लेने का आरोप लगाते रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के सभी 130 करोड़ लोग मेरे मित्र हैं, मैं उनके लिए कार्य करता हूं। मैंने बंगाल के अपने मित्रों को 90 लाख गैस कनेक्शन प्रदान किए। मेरा चाय से विशेष लगाव है और बंगाल के चाय श्रमिक मेरे मित्र हैं , जिनके लिए मैंने सामाजिक सुरक्षा योजना लागू की है।

मोदी कई बार इस बात का उल्लेख कर चुके हैं कि बचपन के दिनों में वह रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चाय बेचा करते थे। उन्होंने अंदरूनी-बाहरी की बहस को बढ़ावा देने के लिए भी ममता बनर्जी पर निशाना साधा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लेनिन और मार्क्स में भरोसा करने वाले (वाम दलों के संदर्भ में) और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टी बंगाल के अंदरूनी दल हैं तो भाजपा बाहरी लोगों की पार्टी कैसे हो सकती है? जिसके प्रेरणास्त्रोत स्वयं श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे।'

उन्होंने कहा कि वे पश्चिम बंगाल में असली परिवर्तन लाने को प्रतिबद्ध हैं जहां हर वर्ग का विकास हो और घुसपैठ रोकी जाए। मोदी ने कहा कि असली परिवर्तन तभी होगा जब युवाओं को नौकरियां और बेहतर शिक्षा मिलेगी। साथ ही निवेश आएगा और राज्य के लोगों को काम करने के लिए अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत माता के आशीर्वाद से हम राज्य को सोनार बांग्ला बनाएंगे।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनर्जी खुद को बंगाल की बेटी की तरह पेश करना चाहती हैं, वे भारत की बेटी कब थीं? तृणमूल कांग्रेस के चुनावी नारे 'खेला होबे' पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अब तृणमूल कांग्रेस का खेल खत्म और विकास शुरू। प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और वाम-कांग्रेस का गठबंधन एक तरफ है और बंगाल की जनता दूसरी तरफ है।

कांग्रेस के साथ गठबंधन करने को लेकर वाम पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ' वाम दलों ने एक समय में नारा दिया था कि कांग्रेस का काला हाथ तोड़ो। हालांकि, अब काला हाथ सफेद हो चुका है और वाम ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया है।'
उन्होंने ममता बनर्जी पर राज्य में लोकतंत्र को तबाह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के राज में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। इस बीच, ममता ने भी प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ‘सबसे बड़े लुटेरे’ हैं और जानना चाहा कि किस तरह सार्वजनिक उपक्रम के विनिवेश के माध्यम से धन जुटाया गया।
रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह के शासनकाल में ‘एक सिंडिकेट फल-फूल रहा है’ और उनकी देखरेख में धन का हेरफेर हो रहा है।

कोलकाता में एक रैली के दौरान ‘वास्तविक बदलाव’ के मोदी के बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं।’

प्रधानमंत्री पर राज्य में ‘मतदाताओं को गुमराह करने के लिए झूठ का सहारा लेने’ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपए क्यों नहीं जमा किए, जैसा कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था।
बनर्जी ने पूछा कि ‘रेल, एअर इंडिया और कोल इंडिया लिमिटेड को बेचकर कितना धन इकट्ठा किया गया? पूरा देश मोदी-शाह सिंडिकेट के बारे में जानता है।’ वे भाजपा के इन आरोपों का जवाब दे रही थीं कि उनके शासन में राज्य में ‘कट मनी की संस्कृति’ को संस्थागत रूप दिया गया है।

टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में पूरी दुनिया में कमी आई है लेकिन भारत में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इतने वर्षों में कई ‘खोखले’ वादे किए और लोगों को अब उन पर विश्वास नहीं है।



और भी पढ़ें :