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Last Updated : शुक्रवार, 12 अगस्त 2022 (11:37 IST)

हथिनी कुंड से छोड़ा पानी, यमुना खतरे के निशान पर, दिल्ली में बाढ़ का खतरा

हथिनी कुंड से छोड़ा पानी, यमुना खतरे के निशान पर, दिल्ली में बाढ़ का खतरा - water released from hathini kund, flood threat in delhi
नई दिल्ली। दिल्ली में पड़ोसी राज्य हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से जल छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। शनिवार को नदी के 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है।दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा।

उल्लेखनीय है कि जब यमुना चेतावनी के स्तर के ऊपर बहती है तो बाढ़ की स्थिति या चेतावनी घोषित की जाती है। इसी के साथ डूब क्षेत्र और बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता है।
 
निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 34 नावों और सचल पंपों को तैनात किया है।
 
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह सात बजे 1,34,912 क्यूसेक पानी और सुबह आठ बजे 1,82,295 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष ने चेतावनी जारी की। उन्होंने बताया कि सुबह आठ बजे यमुना नदी पर बने पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 204.29 मीटर था। नदी में 205.33 मीटर पर जलस्तर खतरे के निशान पर होता है।
 
उफान पर कृष्णा और गोदावरी : गोदावरी और कृष्णा नदियों के उफान पर होने के कारण आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
 
लगातार दूसरे महीने, गोदावरी नदी ने खतरे के दूसरे स्तर को पार किया है। राजामहेंद्रवरम के निकट डोवालेस्वरम में सर आर्थर कॉटन बैराज में गुरुवार रात को प्रवाह 14.09 लाख क्यूसेक (प्रति सेकंड जल प्रवाह का घन फुट) था। दूसरी ओर, कृष्णा नदी पर बने प्रमुख बांध भी पूरी तरह भरे हुए हैं।
 
NDRF और SDRF की तीन-तीन टीम बी. आर. आंबेडकर कोनसीमा, अल्लूरी सीताराम राजू और एलुरु जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं क्योंकि कई मंडल बाढ़ से प्रभावित हैं।
 
पुडुचेरी का श्रद्धालु भागीरथी में बहा : उत्तराखंड में गुरुवार को कई जगह बारिश होने से भूस्खलन की घटनाएं हुईं। इस कारण अनेक भवनों को नुकसान पहुंचा और एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 95 मार्ग अवरुद्ध हो गए। उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री धाम में गुरुवार को पुडुचेरी का एक श्रद्धालु पैर फिसलने के कारण भागीरथी नदी में गिर गया और उसके तेज बहाव में बह गया।