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Last Updated: सोमवार, 11 अप्रैल 2022 (22:28 IST)

रामनवमी पर देशभर में कहां-कहां फैली हिंसा, जानिए अब कैसे हैं हालात

देशभर में भगवान राम के जन्मोत्सव रामनवमी पर जुलूस निकाले गए। रविवार को मध्यप्रदेश से लेकर बंगाल तक देश के कई राज्यों में रामनवमी पर सांप्रदायिक झड़प की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं से देश का सांप्र‍दायिक सौहार्द बिगड़ा। आखिर मध्यप्रदेश से लेकर बंगाल तक रामनवमी के मौके पर हिंसा की घटनाएं कहां-कहां हुईं और इसके क्या कारण रहे। सरकार इन घटनाओं के बाद क्या एक्शन लिया।
 
खरगोन में हिंसक झड़प : कल शाम जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से जा रहा था और मात्र 50 मीटर के बाद उस पर पथराव शुरू हुआ और खरगोन के कई इलाकों में हिंसा फैल गई। कलेक्टर के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि घटना क्यों शुरू हुई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक धार्मिक जुलूस निकालने के दौरान सीमित संख्या में डीजे की अनुमति प्रदान की जाती रही है। खरगोन में कल तालाब चौक से जुलूस के निकलने के दौरान पथराव के बाद खरगोन जिला मुख्यालय के कई स्थानों पर हिंसा भड़क गई थी और आगजनी और पथराव की घटनाओं के चलते हालात बेकाबू हो गए थे। कुछ इलाकों से लोग भागकर अन्य स्थानों पर भी पहुंचे थे।
 
मध्यप्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय पर रात में फिर से हिंसा भड़क जाने के बाद आज पूरे शहर में कर्फ्यू घोषित कर दिया गया है। खरगोन जिला मुख्यालय पर रामनवमी के जुलूस पर हुए पथराव को लेकर हुई हिंसा में पुलिस अधीक्षक भी गोली लगने से घायल हुए हैं।
 
खरगोन की कलेक्टर अनुग्रह पी ने बताया कि कल शाम और उसके बाद देर रात्रि की आगजनी और पथराव घटना के उपरांत पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। आज खरगोन को बंद रखा गया है और कक्षा 8 स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हिंसा की घटनाओं में 20 से अधिक मकान और आधा दर्जन से अधिक वाहन भी जला दिए गए।
 
78 लोग गिरफ्‍तार : पुलिस ने सैकड़ों नामजद लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर अभी तक 78 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि शेष दंगाइयों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
 
पुलिसकर्मी भी हिंसा की चपेट में आए : इंदौर संभाग आयुक्त पवन शर्मा के साथ खरगोन पहुंचे इंदौर जोन के पुलिस महानिरीक्षक राकेश गुप्ता ने बताया कि खरगोन के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी के बाएं पैर में दंगाइयों द्वारा दागी गई गोली लगी है। वह फिलहाल निजी अस्पताल में उपचाररत हैं और खतरे से बाहर है। छह पुलिसकर्मियों समेत 24 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।
 
खरगोन के डीआईजी तिलक सिंह ने नागरिकों से कहा है कि वे पुलिस तथा प्रशासन को सहयोग कर अपना काम करने दें, ताकि वह शीघ्रता से कार्रवाई कर सकें। उन्होंने कहा कि खरगोन में रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिंसा की घटनाओं पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल में एक महत्वपूर्ण बैठक में स्थिति की समीक्षा के बाद कहा कि रामनवमी अभूतपूर्व उत्साह से मनाई गई किंतु खरगोन में दुर्भाग्य जनक घटना हुई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक व निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का दंड दिया जाएगा जो उदाहरण बन जाएगा।
 
गुजरात में हिंसा की आग : भाजपा शासित राज्य गुजरात से भी रामनवमी के मौके पर हिंसा की खबर आई है। कहा जा रहा है कि यहां रामनवमी के जुलूस पर पत्थर फेंके गए, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। गुजरात में हिंसा की दो घटनाएं हुईं। एक घटना गांधीनगर से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हिम्मतनगर में हुई। इसके अलावा खंभात में भी एक घटना हुई। पुलिस अधिकारी आशीष भाटिया ने कहा कि कई जगहों से रामनवमी पर हिंसा की खबर सामने आई है। हालांकि सभी जगह स्थिति सामान्य है।
 
बंगाल में हिंसा की खबर : बंगाल के हावड़ा से भी हिंसक झड़प की खबर सामने आई। शिवपुर इलाके में रामनवमी के जुलूस पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने हमले का आरोप लगाया है। एक पुलिस सिपाही और अफसर पर भी हमले की बात कही जा रही है। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए।
 
झारखंड में लगी पाबंदियां : झारखंड में हिंसक घटनाओं के चलते लोगों के जुटने पर पाबंदियां लगाई गई हैं। राज्य के लोहरदगा में रविवार को दो समूहों के बीच झड़प के बाद धारा 144 लगा दी गई। एसडीएम अरविंद कुमार लाल ने कहा, 'दो समूहों में झड़प और पत्थरबाजी की घटनाओं के चलते लोहरदगा के हिरही गांव में धारा 144 लगाई गई है।' हालांकि सौहार्द की एक अच्छी तस्वीर भी सामने आई। सिलीगुड़ी में एक मुस्लिम युवक रामनवमी के जुलूस में शामिल लोगों को पानी पिलाते दिखा। इस स्वागत के लिए जुलूस में शामिल लोगों ने मुस्लिम युवाओं को धन्यवाद दिया।
जेएनयू में भिड़े छात्र : दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में भी छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हुई है। लेफ्ट संगठनों और एबीवीपी ने एक-दूसरे पर उकसाने का आरोप लगाया है। लेफ्ट छात्रों का कहना है कि वह हॉस्टल में नॉनवेज बना रहे थे और इसी दौरान उन पर हमला हुआ। इसके अलावा एबीवीपी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह पूजा कर रहे थे और उसमें व्यवधान पैदा किया, इसके चलते विवाद हो गया।
 
दिग्विजय का कपिल मिश्रा पर आरोप : हिंसा के बाद नेताओं की बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का खूब दौर चला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने BJP नेता कपिल मिश्रा पर निशाना साधा है। दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा है कि जहां-जहां पांव पड़े कपिल मिश्रा के, वहीं-वहीं दंगा और फसाद। क्या इसकी जांच होगी?
 
कपिल मिश्रा ने दिग्विजय के आरोप पर उन्हें रीट्वीट कर जवाब देते हुए कहा- कसाब को हिंदू बताने वाला फिर झूठ फैलाने लगा। मैं जहां था, वहां कोई दंगा नहीं हुआ। हां, जांच हुई तो हर दंगे में किसी जिहादी और उसके पीछे छिपा कोई कांग्रेसी ही सामने आएगा। खरगोन में जिहादियों ने पथराव और आगजनी की। दिग्विजय जैसे लोग उन्हें बचाने के लिए झूठ फैलाने लगे।
हिंसा देश को कमजोर बना रही है : कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने देश में हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर ट्वीट किया है और कहा है कि ये हिंसक घटनाएं भारत को कमजोर कर रही है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि नफरत, हिंसा और बहिष्कार हमारे प्यारे देश को कमजोर बना रहे हैं।
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