Hanuman Chalisa

Uttarakhand : 72 घंटे से जिंदगी बचाने का ऑपरेशन जारी, ड्रोन से लापता लोगों की तलाश, सामने आई तबाही आने की वजह

Updated: बुधवार, 10 फ़रवरी 2021 (10:16 IST)
चमोली। उत्तराखंड में आई तबाही का चौथा दिन है। चमोली हादसे में हुए नुकसान के बाद अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। एनटीपीसी की क्षतिग्रस्त तपोवन प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और अब मरीन कमांडो का दस्ता भी पहुंच चुका है। 
 
खबरों के मुताबिक अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 174 लोग लापता बताए जा रहे हैं। तपोवन के पास सुरंग में फंसे लोगों को ड्रोन की सहायता से तलाशा जा रहा है। 
 
चमोली हादसे के बाद 600 से अधिक सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के जवान बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। ये जवान बाढ़ से प्रभावित और संपर्क से बाहर हुए गांवों में खाना, दवाइयां और अन्य जरूरी चीजें पहुंचा रहे हैं। तपोवन की टनल से जेसीबी की मशीनें लगातार मिट्टी निकालने का काम कर रही है।   
रिसर्च में सामने आई वजह : वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालय जियोलॉजी के विज्ञानियों का प्रारंभिक आकलन है कि दो दिन पहले उत्तराखंड में आकस्मिक बाढ़ झूलते ग्लेशियर के ढह जाने की वजह से आई। झूलता ग्लेशियर एक ऐसा हिमखंड होता है जो तीव्र ढलान के एक छोर से अचानक टूट जाता है।

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक कलाचंद सेन ने कहा कि रौंथी ग्लेशियर के समीप एक झूलते ग्लेशियर में ऐसा हुआ, जो रौंथी/मृगुधानी चौकी (समुद्रतल से 6063 मीटर की ऊंचाई पर) से निकला था। हिमनद वैज्ञानिकों की दो टीम आपदा के पीछे के कारणों का अध्ययन कर रही हैं। उन्होंने मंगलवार को हेलीकॉप्टर से सर्वेक्षण भी किया।

Show comments

लॉन्च हुआ सस्ता 5G स्मार्टफोन, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले, जानिए फीचर्स

MG Hector Tomahawk PHEV लॉन्च, 1100 KM से ज्यादा की रेंज, जानिए कीमत और फीचर्स

क्या होती है फ्लैश फ्लड? क्यों पहाड़ों से अचानक आता है बर्बादी का सैलाब और नेपाल प्रलय से भारत क्यों है अलर्ट पर

Gen Alpha मैदान में, पटना BPSC प्रदर्शन में 6 साल का आदित्य आया सुर्खियों में, CM सम्राट चौधरी के इस्तीफे की कर दी मांग

नितिन गडकरी का संन्यास वाला बयान संगठन के बाद सरकार में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत?

सभी देखें

नेपाल में बाढ़ से तबाही तो दिल्ली में H1N1 का कहर, मामलों की संख्या 3000 के करीब

कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान से गरमाई सियासत, भाजपा ने बताया सनातन का अपमान, माफी की मांग

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का 'थूथन', नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

कानपुर के नत्थूपुरवा गांव में गिरा ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट, दो पायलटों की मौत

अगला लेख