बुरा हाल है 'उन्नाव की बेटी' का, जानकर सिहर जाएंगे

पुनः संशोधित मंगलवार, 30 जुलाई 2019 (12:54 IST)
लखनऊ। उन्नाव के बहुचर्चित दुष्कर्म कांड की पीड़िता एक के बाद मौत और जिंदगी के बीच झूल रही है। इस मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह पर दुष्कर्म का आरोप है।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता के फेफड़ों से लगातार खून निकल रहा है। फेफड़ों को संतुलित रखने के लिए चेस्ट पाइप लगाकर रखा गया है। उसके पांव में कई जगह फ्रेक्चर हुए हैं। बताया जा रहा है कि पीड़िता को वेंटीलेटर पर रखा गया है। वह जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ रही है।

रविवार को हुई थी दुर्घटना : गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश के रायबरेली जिले में रविवार को हुई सड़क दुर्घटना में उन्नाव रेप पीड़िता की मौसी और चाची की मृत्यु हो गई थी, जबकि पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़िता कार से परिवार के लोगों के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार से मिलने जा रहे थे।
गुरुबक्शगंज क्षेत्र में रायबरेली-बांदा हाईवे पर सुल्तानपुर खेड़ा मोड़ के पास एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई मनोज सिंह सेंगर के अलावा आठ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

न्याय की उम्मीद नहीं : सपा अध्यक्ष पीड़िता का हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा के शासन में उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। यादव ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि पीड़िता को मिले सुरक्षाकर्मियों को क्लीन चिट दी जा रही है, जबकि उन्हें अपनी ड्यूटी के तहत उसके साथ जाना था। इस गंभीर मामले की निष्पक्ष न्याय के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पीड़िता के साथ बहुत अन्याय हुआ है। सरकार तो तब चेती जब 8 अप्रैल 2018 को उसने मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह का प्रयास किया। रविवार को हुई घटना में तो पीड़िता बच तो गई है, लेकिन उसकी जान खतरे में है। उसे गंभीर चोटें हैं।

दिल्ली में मार्च : राजधानी के इंडिया गेट पर सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़ित युवती और उसके वकील के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एकत्र होकर मोबाइल टार्चलाइट मार्च में हिस्सा लिया।
बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर इस मार्च के जरिए संदेश दिया कि उन्नाव दुष्कर्म पीड़ित लड़की अकेली नहीं है और भारत के लोग उसके साथ हैं। लोगों ने बैनर लेकर इस मोबाइल टार्चलाइट मार्च में हिस्सा लिया जिस पर लिखा हुआ था तुम अकेली नहीं हो और हम उन्नाव दुष्कर्म पीड़ित के साथ खड़े हैं।

 

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