INS विराट ने शुरू की अपनी अंतिम यात्रा, 30 साल तक रहा भारतीय नौसेना की शान

Virat
Last Updated: शनिवार, 19 सितम्बर 2020 (17:51 IST)
मुंबई। भारतीय नौसेना (Indian Navy) का सेवामुक्त विमानवाहक युद्धपोत विराट (Warship Virat) शनिवार को अपनी अंतिम समुद्री यात्रा (Final journey) पर (Gujarat) स्थित अलंग के लिए रवाना हुआ, जहां उसे विघटित करने के बाद कबाड़ के रूप में बेच दिया जाएगा। विशालकाय युद्धपोत विराट को पूर्व नौसैनिकों ने गेटवे ऑफ इंडिया से भावभीनी विदाई दी।
मार्च 2017 में सेवामुक्त किए जाने के बाद से विराट की अंतिम यात्रा की शुरुआत हो गई थी। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि विराट को शुक्रवार को ही जाना था, लेकिन कुछ कारणों से एक दिन का विलंब हुआ। विराट ने भारतीय नौसेना में 30 वर्षों तक सेवा दी थी।

मूल रूप से यह ब्रिटेन की रॉयल नेवी में एचएमएस हरमेस नामक युद्धपोत था और भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के बाद इसका नाम भारतीय नौसैनिक पोत (आईएनएस) विराट रखा गया था। विराट को संग्रहालय बनाने का प्रयास किया गया था लेकिन वह सफल नहीं हुआ। अलंग स्थित श्री राम समूह ने इस युद्धपोत के विघटन की जिम्मेदारी ली है।

एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी के उच्च क्षमता वाले पोत विराट को समुद्र में खींचकर अलंग ले जा रहे हैं और इस गंतव्य तक पहुंचने में दो दिन लगेंगे। अलंग में पोत का विघटन करने का विश्व का सबसे बड़ा यार्ड है। रक्षा मंत्रालय के मुंबई स्थित जनसंपर्क कार्यालय ने ट्वीट किया, एक युग का अंत।

भारतीय नौसेना के इतिहास का गौरवशाली अध्याय। युद्धपोत मुंबई से अपनी अंतिम यात्रा के लिए निकल रहा है। पुराने पोत कभी मरते नहीं। वे अमर होते हैं। विराट के अलावा भारतीय नौसेना के एक अन्य विमानवाहक युद्धपोत विक्रांत को भी संग्रहालय बनाने का प्रयास विफल रहा था।
सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने इसको लेकर पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना की। उनका कहना था कि युद्धपोत को कबाड़ के रूप में बेचने से अच्छा था कि उसे संग्रहालय बनाकर देश की सामुद्रिक शक्ति की धरोहर को सुरक्षित रखा जाता।(भाषा)



और भी पढ़ें :