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आतंकी करतूत, छुट्‍टी पर कश्मीरी जवान की हत्या

Updated: शनिवार, 25 नवंबर 2017 (17:53 IST)
श्रीनगर। पाक परस्त आतंकियों ने एक बार फिर कश्मीर में अपना बुजदिली का परिचय दिया है। उन्होंने छुट्टी पर आए सेना के एक जवान की अगवा करने के बाद हत्या कर दी। फिलहाल किसी आतंकी गुट ने हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है। इस साल की यह सैनिकों की 6वीं ऐसी हत्या है जो छुट्टी पर घर आए हुए थे।
 
आतंकियों ने छुट्टी पर घर आए सेना के एक जवान की हत्या कर दी। उसकी पहचान 23 वर्षीय इरफान अहमद डार पुत्र गुलाम मोहम्मद डार निवासी सेनजेन के रूप में हुई है। वह 175 टेरीटोरियल आर्मी (इंजीनियर्स) बांडीपोरा में तैनात था। जानकारी के अनुसार इरफान शुक्रवार को अपने गांव सेनजेन से कार में निकला लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश की मगर उसका कुछ पता नहीं चला। शनिवार की सुबह उसका गोलियों से छलनी शव स्थानीय लोगों को वोथमुला गांव में एक बगीचे में पड़ा मिला। वह 26 नवंबर तक छुट्टी पर था।
 
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि 23 वर्षीय सिपाही इरफान अहमद डार शोपियां जिले के सेनजेन गांव का निवासी था। वह सेना में बतौर सैनिक कार्यरत था। वह बांडीपोरा जिले में प्रादेशिक सेना इकाई में तैनात था। उन्होंने कहा कि वह 26 नवंबर तक अवकाश पर था। ऐसा लग रहा है कि अवकाश के दौरान आतंकवादियों ने उसे अगवा कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डार के शव पर गोलियों के निशान थे। पुलिस ने शोपियां जिले के कीगम गांव से शनिवार सुबह शव बरामद किया।
 
पुलिस को यह आशंका है कि छुट्टी के दौरान ही उसे आतंकियों ने अगवा कर लिया हो और फिर उसकी हत्या कर दी हो। सेना के श्रीनगर के पीआरओ का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। इरफान उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा जिले में नियंत्रण रेखा के पास गुरेज सेक्टर में तैनात था। एसएसपी शोपियां का कहना है कि इरफान को अगवा कर मारने की आशंका है। इसकी जांच करवाई जा रही है। टेरिटोरियल आर्मी के जवान इरफान के हत्यारों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
 
गौरतलब है कि इसी साल 9 मई को कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले सेना के अधिकारी उमर फैयाज का आतंकवादियों ने अपहरण किया था और गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले 9 मई को शोपियां में छुट्टी पर आए लेफ़्टिनेंट उमर फैयाज़ की भी आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
 
वहीं राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जवान इरफान की हत्या पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से राज्य में शांति स्थापित करने के लिए चलाए गए अभियानों पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने इरफान को एक बहादुर जवान करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इरफान की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे दुखद करार दिया। उन्होंने जवान के परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
 
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस जवान की हत्या की निंदा की। उन्होंने ट्वीट किया, युवा इरफान डार की हत्या काफी दुखद और निंदनीय है। परिवार के प्रति मेरी दिली संवेदना।
 
इस साल आतंकियों द्वारा छुट्टी पर घर आए जवानों की की गई हत्याओं का विवरणः-
1. 25 नवंबर 2017 : शोपियां में रहने वाले सेना के जवान इरफान की अगवा कर हत्या।
2. 18 अक्टूबर 2017 : पुलवामा के त्राल में एसपीओ अब्दुल हलीम की घर में घुसकर हत्या।
3. 1 अक्टूबर 2017 : पुलवामा में पुलिस कांस्टेबल आशिक हुसैन की घर के बाहर हत्या।
4. 28 सितंबर 2017 : बांडीपोरा के हाजिन में बीएसएफ जवान रमजन पर्रे की घर में घुसकर हत्या।
5. 15 जून 2017 : कुलगाम के पुलिस जवान शब्बीर अहमद डार की घर के भीतर हत्या।
6. 9 मई 2017 : 2 राजपूताना राइफल्स के अफसर लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की शादी समारोह में हत्या।
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें

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