Rafale Fighter Jets : राफेल में एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग, देखें 30,000 फुट की ऊंचाई की तस्वीरें

Last Updated: मंगलवार, 28 जुलाई 2020 (20:02 IST)
कुछ ही घंटों में लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Jet) की धरती पर आ जाएंगे। राफेल के आते ही भारत के दुश्मनों के खेमों में खलबली मच जाएगी। अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल की पहली खेप इस समय भारत आने के रास्ते में है, जो कल तक अंबाला स्थित वायुसेना की छावनी में पहुंच जाएगी।
लड़ाकू विमानों को 30 हजार फुट की ऊंचाई पर एयर फोर्स के टैंकर से ईंधन भरते हुए तस्वीरों को फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने ट्विटर पर शेयर किया है। भारत की ओर से आते हुए इन फाइटर प्लेन्स में यूएई के Al Dhafra air base में फ्रांसीसी वायुसेना के रीफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन भरा गया।

एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग के तहत हवा में ही विमानों में ईंधन भरा गया। इंडियन एयर फोर्स ने ट्वीट करते हुए कहा कि हमारे राफेल वापस घर लाए जाने के दौरान रास्ते में फ्रांस एयर फोर्स की तरफ से मदद मुहैया कराने के लिए भारतीय वायुसेना उसकी प्रशंसा करती है।

राफेल विमानों को अगले माह से औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल किए जाने की संभावना है। राफेल फाइटर प्लेन्स ने दक्षिण फ्रांस के मेरिंग्या एयरबेस से भारत के लिए उड़ान भरी थी। भारत और फ्रांस के बीच 2016 में 59,000 करोड़ की हुई थी।

इसके तहत फ्रांस, भारत को 36 राफेल फाइटर जेट्‍स की आपूर्ति करेगा। इन 36 विमानों से पहले पांच विमान बुधवार को भारत पहुंच जाएंगे। भारतीय वायुसेना के 12 पायलट्स और इंजीनियरिंग क्रू मेंबरों को इस फाइटर जेट उड़ाने की ट्रेनिंग दी गई है।

इन फाइटर जेट्स को फ्रेंच एविएशन कंपनी दसॉ ने बनाया है। दसॉ ने मैन्युफैक्चरिंग के बाद इन्हें भारत को सौंप दिया था, लेकिन जेट्स को फ्रांस में पायलट्स और टेक्नीशियन्स की ट्रेनिंग के लिए अभी वहीं रखा गया था। पिछले वर्ष अक्टूबर में रक्षामंत्री राजनाथसिंह फ्रांस गए थे। वहां उन्‍होंने राफेल विमानों की पूजा की थी और एक जेट की सवारी भी की थी।



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