चमोली आपदा : 7वें दिन भी जारी रेस्क्यू ऑपरेशन, तपोवन से आगे नदी के किनारों पर NDRF का सर्च अभियान

निष्ठा पांडे| पुनः संशोधित शनिवार, 13 फ़रवरी 2021 (19:39 IST)
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था/प्रवक्ता उत्तराखंड पुलिस नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि चमोली में आई प्राकृतिक आपदा में स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, एफएसएल रेस्क्यू, खोज, बचाव राहत एवं डीएनए सेम्पलिंग के कार्यों में लगी हुई है।
प्राकृतिक आपदा में लापता कुल 204 लोगों में से 38 (चमोली- 30, रुद्रप्रयाग- 06, पौड़ी गढ़वाल- 01, टिहरी गढ़वाल- 01) के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 13 लोगों की पहचान हो गई है और 25 लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। लापता लोगों को खोजने के लिए तपोवन से आगे नदी के किनारे एवं नदी में एनडीआरएफ के एक टीम द्वारा सर्च अभियान किया जा रहा है। लापता समस्त लोगों के संबंध में अब तक कोतवाली जोशीमठ में 14 एफआईआर पंजीकृत की जा चुकी है।
इसके साथ ही जनपद चमोली के विभिन्न स्थानों से ही 19 मानव अंग भी बरामद किए गए हैं। बरामद सभी शवों एवं मानव अंगों का डीएनए सैम्पलिंग और संरक्षण के सभी मानदंडों का पालन कर सीएचसी जोशीमठ, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर एवं सीएचसी कर्णप्रयाग में शिनाख्त हेतु रखा गया था। शवों को नियमानुसार डिस्पोजल हेतु गठित कमेटी द्वारा अभी तक 24 शवों एवं 11 मानव अंगों का पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों एवं सम्मान के साथ दाह संस्कार करा दिया गया है।
नीलेश आनन्द भरणे की देखरेख में उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसका नम्बर 0135-2712685 एवं मोबाइल नम्बर 9411112985 है। आपदा में लापता हुए लोगों की सूची एवं बरामद हुए शवों की पहचान हेतु अन्य राज्यों की पुलिस से भी लगातार पत्राचार किया गया है। शवों से मिले आभूषण, टैटू एवं अन्य पहचान चिन्हों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है। जनपद चमोली में स्थापित कन्ट्रोल रूम का नंबर 01372-251487 एवं मोबाइल नम्बर 9084127503 है।
कावंड़ मेला कराने की मांग : उत्तराखंड सरकार से फरवरी में पड़ने वाली महाशिवरात्रि पर कांवड़ मेला आयोजित कराने की मांग प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने की है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने इस मांग को लेकर सनिवार को हरिद्वार में कुम्भ मेला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष डॉ नीरज सिंघल ने कुंभ मेला प्रशासन एवं उत्तराखंड सरकार से व्यापारी हित में अपने निर्णय पर पुनः विचार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार भगवान शिव का ससुराल है तो हरकी पौड़ी से भगवान परशुराम ने कावड़ उठाकर इस उत्सव की शुरुआत की थी।

उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की मांग की और तमाम हिन्दू नेताओं, शंकराचार्य सहित महामंडलेश्वर-संतों धर्माचार्य से मांग की कि वे हिन्दू हित में कांवड़ मेला सकुशल संपन्न कराने हेतु कुंभ मेला प्रशासन से वार्ता करें।



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