आगरा में मृतक सफाईकर्मी के परिजनों से मिलीं प्रियंका गांधी, न्‍याय का दिलाया भरोसा

Last Updated: गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021 (00:16 IST)
आगरा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चोरी के आरोप में पूछताछ के दौरान में मृत सफाईकर्मी अरुण वाल्मीकि के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
श्रीमती वाड्रा रात करीब 11 बजे मृतक के ताजगंज स्थित आवास पहुंचीं। उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और पूर्व प्रत्याशी प्रमोद कृष्णम थे। श्रीमती वाड्रा ने पीड़ित परिवार को न्याय की लड़ाई में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।

श्रीमती वाड्रा बुधवार पूर्वान्ह आगरा के लिए निकली थीं, मगर आगरा एक्सप्रेस वे के इंट्री प्वाइंट पर उनके काफिले को रोक लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कानून व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा जताते हुए कांग्रेसी नेता से वापस लौटने का अनुरोध किया मगर वह आगरा जाने पर अड़ी रहीं। करीब 100 वाहनों के काफिले में मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इस बीच जमकर नारेबाजी की। श्रीमती वाड्रा के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और प्रमोद कृष्णम भी थे।

इस दौरान पार्टी समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। अधिकारियों ने पार्टी महासचिव को आश्वस्त किया कि मृतक सफाईकर्मी के अंतिम संस्कार के बाद उन्हें जाने की इजाजत दे दी जाएगी लेकिन कांग्रेसियों के शोरगुल और ट्रैफिक पर बढ़ते दवाब के चलते उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

श्रीमती वाड्रा को ले जाने के दौरान भी पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई। उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया जहां करीब एक घंटा रखने के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे आगरा जाने की इजाजत दे दी गई। हिरासत में लिए जाते वक्त श्रीमती वाड्रा ने कहा कि उनके रास्ते पर यूपी सरकार जितने भी रोड़े बिछाए, उनके कदम पीछे नहीं हटेंगे।

इससे पहले पुलिस के रवैए की आलोचना करते हुए श्रीमती वाड्रा ने ट्वीट किया, अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई। उनका परिवार न्याय मांग रहा है। मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं। उप्र सरकार को डर किस बात का है। क्यों मुझे रोका जा रहा है। आज भगवान वाल्मीकि जयंती है, पीएम ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें कीं, लेकिन उनके संदेशों पर हमला कर रहे हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले सड़क पर उतरकर कांग्रेस में प्राण फूंकने की लगातार कोशिश कर रहीं श्रीमती वाड्रा ने आगरा की घटना की आज सुबह भर्त्सना करते हुए राज्य की योगी सरकार को एक बार फिर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा।

उन्होंने ट्वीट किया, किसी को पुलिस कस्टडी में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है। कस्टडी में अरुण वाल्मीकि की की घटना निंदनीय है। भगवान वाल्मीकि जयंती के दिन उप्र सरकार ने उनके संदेशों के खिलाफ काम किया है। उच्चस्तरीय जांच व पुलिस वालों पर कार्रवाई हो व पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले।

इसके बाद कांग्रेस महासचिव ने आगरा जाने का फैसला किया और पूर्व प्रत्याशी प्रमोद कृष्णम के साथ आगरा के लिए रवाना हो गईं। कांग्रेस के सूत्रों का कहना था कि पार्टी महासचिव पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले सफाईकर्मी की मां एवं परिजनों से मुलाकात करेंगी। अभी वह आगरा एक्सप्रेस के इंट्री प्वाइंट पर पहुंची थीं कि पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया।

काफिले को रोके जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस का कहना था कि आगरा में तनावभरे हालात के बीच श्रीमती वाड्रा का जाना उचित नहीं होगा मगर कांग्रेस महासचिव जाने पर अड़ी रहीं। पुलिस अधिकारियों ने हालांकि इससे पहले आश्वस्त किया था कि आगरा में सफाईकर्मी के अंतिम संस्कार के बाद काफिले को जाने की इजाजत दे दी जाएगी।

गौरतलब है कि आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में चोरी के आरोप में पकड़े गए सफाईकर्मी की मंगलवार रात पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। जगदीशपुरा थाने के मालखाने में शनिवार रात को दरवाजे तोड़कर 25 लाख रुपये चोरी कर लिए गए थे। इस मामले में इंस्पेक्टर अनूप कुमार तिवारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

इस मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें सामने आया कि चोरी की घटना के बाद निजी सफाईकर्मी अरुण वाल्‍मीकि थाने में नहीं आ रहा है। पुलिस ने उसके घर में दबिश दी तो वह लापता मिला। मंगलवार को पुलिस ने सफाईकर्मी को ताजगंज क्षेत्र से हिरासत में ले लिया।

उससे पूछताछ के दौरान सफाईकर्मी की हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी. के मुताबिक सफाईकर्मी ने चोरी का अपराध स्वीकार कर लिया था कि देर रात उसकी तबियत बिगड़ गई और उपचार के दौरान मौत हो गई।(वार्ता)



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