sundarkand

काशी में बोले PM मोदी, आजादी से अब तक इतना विकास कभी नहीं हुआ...

Updated: सोमवार, 30 नवंबर 2020 (17:44 IST)
वाराणसी। उत्तरप्रदेश के वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के खजूरी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और वहां से सिक्स लेन हाईवे का लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को बहुत-बहुत बधाई। देव दीपावली और गुरु नानक देवजी के प्रकाश उत्सव पर आज काशी को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक और उपहार मिल रहा है। इसका लाभ काशी के साथ ही प्रयागराज के लोगों को भी होगा।
ALSO READ: अपने परमाणु वैज्ञानिक की हत्या का जवाब कैसे दे, सोच रहा है ईरान
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे याद है कि 2013 में मेरी पहली जनसभा इसी मैदान पर हुई थी, तब यहां से गुजरने वाला हाइवे 4 लेन का था। आज बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से ये 6 लेन का हो गया है। जितना काम बनारस के आस-पास अब हो रहा है वह आजादी के बाद कभी भी नहीं हुआ।

हाइवे के चौड़ा होने से काशी और प्रयागराज के बीच आना जाना और आसान हो गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों और इस क्षेत्र के लोगों को होने वाली परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। इसका लाभ कुंभ के दौरान भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में आधुनिक कनेक्टिविटी का विस्तार होता है तो इसका बहुत लाभ हमारे किसानों को होता है।

बीते वर्षों में ये प्रयास हुआ है कि गांवों में आधुनिक सड़कों के साथ भंडारण, कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्थाएं खड़ी की जाएं। इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपए का फंड भी बनाया गया है। वाराणसी में पेरिशेबल कार्गो सेंटर बनने के कारण अब यहां के किसानों को अब फल और सब्जियों को स्टोर करके रखने और उन्हें आसानी से बेचने की बहुत बड़ी सुविधा मिली है।

इस स्टोरेज कैपेसिटी के कारण पहली बार यहां के किसानों की उपज बड़ी मात्रा में निर्यात हो रही है। उन्होंने कहा कि सामान्य चावल जहां 35-40 रुपए किलो के हिसाब से बिकता है, वहीं ये बेहतरीन चावल 300 रुपए तक बिक रहा है। बड़ी बात यह भी है कि ब्लैक राइस को विदेशी बाज़ार भी मिल गया है।
ALSO READ: ओवैसी बोले- मैं हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी लैला हूं और मेरे कई मजनू हैं...
पहली बार ऑस्ट्रेलिया को यह चावल निर्यात हुआ है, वो भी करीब साढ़े 800 रुपए किलो के हिसाब से। चंदौली के किसानों की आय को बढ़ाने के लिए 2 साल पहले काले चावल की एक वैरायटी का प्रयोग यहां किया गया था। पिछले साल खरीफ के सीज़न में करीब 400 किसानों को यह चावल उगाने के लिए दिया गया।
ALSO READ: चीनी फौज समझौते के बावजूद लद्दाख से नहीं हटी
इन किसानों की एक समिति बनाई गई। इसके लिए मार्केट तलाश किया गया है। सरकार के प्रयासों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से किसानों को कितना लाभ हो रहा है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण चंदौली का काला चावल-ब्लैक राइस है। यह चावल चंदौली के किसानों के घरों में समृद्धि लेकर आ रहा है।
लेखक के बारे में
अवनीश कुमार
freelancer.... और पढ़ें

Show comments

नितिन नवीन की टीम में 2 मुस्लिम, जानिए कौन हैं तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली?

Jio Prime : ₹300 में सालभर रिचार्ज की टेंशन खत्म! 20 अगस्त से मिलेगा सब्सक्रिप्शन, ₹299 वाला प्लान रहेगा जारी

BJP की नई टीम का ऐलान: स्मृति ईरानी-वसुंधरा राजे की वापसी, पीयूष गोयल बने कोषाध्यक्ष

Twisha Sharma Death Case: CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, रिटायर्ड जिला जज और बेटे को बनाया आरोपी

CJP कार्यकर्ता के पिता की पीट-पीटकर जान ली, बंगाल में सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाना पड़ा भारी, दीपके ने साधा निशाना

सभी देखें

iPhone 18 Pro और Pro Max की एंट्री सितंबर में! Apple ला सकता है अपना पहला फोल्डेबल iPhone

इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, तुरंत अस्पताल भेजने का आदेश; 16 सितंबर तक रहेंगे भर्ती

सुबह 4 बजे MLA कुलदीप कुमार को घर से ले गई दिल्ली पुलिस? AAP का बड़ा दावा

क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

कीलों वाली लाठी से लेकर FRT तक... जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस के हलफनामे की 5 बड़ी बातें

अगला लेख