Hanuman Chalisa

मुश्किल में नीरव मोदी, पीएनबी हांगकांग में अदालत की शरण में

Updated: रविवार, 22 अप्रैल 2018 (16:23 IST)
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने 13,000 करोड़ रुपए के ऋण घोटाला मामले में भगोड़े आभूषण कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ अमेरिका में समाशोधन प्राधिकरण के समक्ष अर्जी लगाने के बाद अब हांगकांग में भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
 
पीएनबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बैंक उन देशों और जगहों में सक्षम प्राधिकरणों के सामने अपील करने की योजना बना रहा है, जहां नीरव मोदी एवं उसके सहयोगियों की संपत्तियां हैं।
 
अधिकारी ने कहा कि हांगकांग में अधिकारियों से संपर्क किया गया है और नीरव मोदी की कंपनियों के खिलाफ  वसूली के आदेश के लिए याचिकाएं दायर की गई हैं।
 
उल्लेखनीय है कि पीएनबी ने नीरव मोदी के कंपनी समूह की अमेरिका स्थित इकाई फायरस्टार डायमंड के दिवालिया होने मामले की सुनवाई में हस्तक्षेप के लिए वहां अपने वकील कर लिए हैं।
 
इस बीच चीन ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि हांगकांग प्रशासन नीरव मोदी को गिरफ्तार करने के भारत के आवेदन पर निर्णय करने को स्वतंत्र है। (भाषा)
 

Show comments

राहुल गांधी की हुंकार, PM जवाब दिए बिना नहीं निकल पाएंगे, कहा- पहले प्रधान इस्तीफा दें फिर...

कांग्रेस के धरने की सरकार को नहीं लग पाई भनक, अचानक पीएम आवास पर बैठे बड़े नेता, सरकार के सामने रखीं 5 मांगें

Maruti Suzuki की कारें महंगी, देने होंगे 30,000 रुपए से ज्यादा, जानिए क्यों बढ़ रही हैं कीमतें, किन मॉडल्स पर पड़ेगा असर

Top 10 Scooters : TVS iQube, Bajaj Chetak और Ather Rizta की रिकॉर्ड बढ़त, Honda Activa का दबदबा कायम

Electric Scooter कैसे शहरी सफर को बना रहे हैं आसान, कौनसे फीचर्स लोगों को लुभा रहे हैं

सभी देखें

IMD Rain Alert : गुजरात और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट, 23 जुलाई को भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, किन राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

CJI बोले- वीडियो देखने का वक्त नहीं, हमारा समय बर्बाद न करें, CJP प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

CM योगी के नेतृत्व में गोरखपुर की बदली तस्वीर, फोरलेन सड़कें, फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज से आसान हुआ सफर

योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना हो रही 20 लाख की कमाई

रेलवे पर भड़कीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पत्र लिखा और कहा- इंदौर को अनाथ समझ लिया क्‍या?

अगला लेख