ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें...

पुनः संशोधित सोमवार, 4 सितम्बर 2017 (11:35 IST)
शियामिन। 9वें ब्रिक्स सम्मेलन की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात जोरदार तरीके से रखी। के साथ डोकलाम विवाद के बाद ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने चीन के शियामन पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स नेताओं की बैठक के बाद 'प्लैनरी सत्र' को भी संबोधित किया।
*प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शांति और विकास के लिए सहयोग जरूरी है। एकजुट रहने पर शांति और विकास संभव है।
*प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स ने अनिश्चितता की ओर बढ़ते विश्व में सहयोग, स्थिरता एवं विकास के लिए एक जीवंत खाका तैयार किया है।
*प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देश सौर ऊर्जा एजेंडे को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

*पीएम मोदी ने आगे का कि ब्रिक्स में पांचों देश एक बराबर हैं। ब्रिक्स बैंक ने कर्ज देना शुरू किया है, इससे पांच सदस्य देशों को फायदा होगा।

*मोदी ने कहा कि हम गरीबी के उन्मूलन के लिए, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कौशल, खाद्य सुरक्षा, लैंगिक समानता, ऊर्जा एवं शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में हैं।

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासशील देशों की सरकारी एवं निजी इकाइयों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी के जल्द गठन पर जोर दिया।

* मोदी ने कहा उन्होंने कहा कि हमारे देश का युवा होना हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
* उन्होंने कहा भारत ने काले धन के खिलाफ जंग छेड़ी है। गरीबी से लड़ने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया। हम स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

* हमारे महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम उप्तापदकता को बढ़ा रहे हैं और महिलाओं को मुख्यधारा में ला रहे हैं।

* हमारी केंद्रीय बैंकों को अपनी क्षमताओं को और बढ़ाना होगा और प्रत्यावर्तनीय रिजर्व व्यवस्था और आईएमएफ के बीच सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।



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