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मोदी सरकार के पहले 100 दिन का एक्शन प्लान तैयार, इन 4 सेक्टरों पर होगा विशेष फोकस

Updated: शुक्रवार, 31 मई 2019 (12:24 IST)
शपथ ग्रहण के साथ मोदी सरकार-2 अब एक्शन में आने वाली है। गुरुवार को मोदी कैबिनेट के 57 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद शुक्रवार शाम मोदी कैबिनेट की पहली बैठक होने जा रही है। नई सरकार की इस पहली कैबिनेट की बैठक में कुछ बड़े निर्णय हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव में जिस प्रचंड जीत के साथ मोदी सरकार सत्ता में वापस लौटी है उससे देश को बहुत उम्मीद है और इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए सरकार ने अपने पहले 100 दिन का एक्शन प्लान भी तैयार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि इसके लिए पीएमओ ने सभी मंत्रालयों को अपने विभाग की पहले 100 दिन की प्राथमिकता तय करने को कहा है। इसके बाद संभावना इस बात की लगाई जा रही है कि कैबिनेट की पहली बैठक में सरकार के पहले 100 दिन के एक्शन प्लान पर मोहर भी लग सकती है।

बेरोजगारों को रोजगार पहली प्राथमिकता – लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने सबसे अधिक रोजगार के मुद्दों को लेकर मोदी सरकार को घेरा था। विपक्ष को जवाब देने के लिए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली प्राथमिकता बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराना हो सकता है। इसके लिए नई सरकार केंद्र सरकार की नौकरियों में खाली पड़े करीब 75 हजार पदों पर भर्ती की प्रकिया शुरु कर सकती है। इसके लिए विभागों से उनके यहां खाली पड़े पदों को पूरा ब्यौरा मांगा गया है। वहीं निजी क्षेत्र में रोजगार को बढ़ाने के लिए सरकार कुछ खास उपाय कर सकती है।

किसानों को मिल सकती हैं नई सौगात – सरकार के 100 दिन के एक्शन प्लान में किसानों की समस्या और उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना पहली प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना सरकार का पहला लक्ष्य होगा। जुलाई में जब मोदी सरकार इस कार्यकाल का  अपना पहला पूर्ण बजट पेश कर सकती है तो किसानों के हित में कई बड़ी योजना का एलान कर सकती है। इसके साथ किसानों को 6 हजार रूपए नगद दिने वाले योजना का विस्तार भी किया जा सकता है। किसानों की आय बढ़ाने और कर्ज के जाल से बचाने के लिए सरकार कुछ आधारभूत योजनाओं को भी लॉच करने की तैयारी में है।

उद्योगों और व्यापारियों के लिए नई योजना – मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन में व्यापरियों और उद्योगों को कई बड़ी सौगात दे सकती है। सरकार अपने पहले बजट में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाने और छोटे व्यापरियों को टैक्ट छूट जैसी कुछ बड़ी घोषणा कर सकती है। मोदी सरकार के सत्ता में वापस लौटने के बाद शेयर मार्केट में जो तेजी दिखाई दे रही है उसको बनाए रखना सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए नई योजना  – मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन के एक्शन प्लान में देश के लिए नई शिक्षा नीति बनाना पहली प्राथमिकता हो सकती है। सरकार नेशनल एजुकेशन पॉलिसी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। नई सरकार अगर जुलाई में अपना पहला बजट पेश करती है तो देश के ग्रामीण इलाकों में नए बड़े एजुकेशन संस्थान खोलने का एलान कर सकती है।
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विकास सिंह
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