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मनोज तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत पर अदालत ने लगाई जमकर लताड़

Updated: गुरुवार, 22 नवंबर 2018 (12:15 IST)
नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली के गोकुल पुरी इलाके में एक मकान की सीलिंग तोड़ने पर भाजपा के दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी को उच्चतम न्यायालय से मानहानि मामले में राहत मिली। न्यायालय ने उन्हें मानहानि का दोषी नहीं माना।
 
 
न्यायाधीश बी. लोकप्रिय की पीठ ने श्री तिवारी को मानहानि का दोषी नहीं मानते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व इस पर कार्रवाई करे।  पीठ ने गुरुवार को फैसले में कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि तिवारी ने कानून अपने हाथ में लिया।
 
 
कोर्ट ने कहा कि जिस ढंग से तिवारी ने सीलिंग तोड़ी उससे हम आहत हैं। जनप्रतिनिधि होने के नाते उनको जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि तिवारी ने अदालत से अधिकार प्राप्त समिति पर ओछे आरोप लगाए, यह दिखाता है कि वह कितना नीचे गिर सकते हैं।
 

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