sundarkand

न्यायपालिका राजनीतिक पूर्वाग्रह से मुक्त होनी चाहिए : ममता बनर्जी

Updated: शनिवार, 29 जून 2024 (17:39 IST)
Mamata Banerjee's statement on judiciary : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किसी भी राजनीतिक पूर्वाग्रह से मुक्त न्यायपालिका का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि इसे बिल्कुल निष्पक्ष और ईमानदार होना चाहिए। बनर्जी ने यह भी कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र, संविधान और लोगों के हितों के संरक्षण के लिए भारत की नींव का बड़ा स्तंभ है।
 
मुख्यमंत्री ने यहां राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (पूर्वी क्षेत्र) के द्वितीय क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर कहा, कृपया ध्यान रखें कि न्यायपालिका में कोई राजनीतिक पक्षपात न हो। न्यायपालिका पूरी तरह से पक्षपात रहित, ईमानदार और पवित्र होनी चाहिए। लोगों को इसकी पूजा करनी चाहिए। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम भी मौजूद थे।
ALSO READ: ममता बनर्जी ने राज्यपाल बोस से छेड़खानी के आरोपों को लेकर मांगा इस्तीफा
बनर्जी ने कहा कि न्यायपालिका लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंदिर है और न्याय प्रदान करने का सर्वोच्च प्राधिकार है। उन्होंने कहा, यह एक मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर की तरह है। न्यायपालिका लोगों की, लोगों द्वारा और लोगों के लिए है...और न्याय पाने और संवैधानिक अधिकारों को बनाए रखने के लिए अंतिम मंच है।
 
उन्होंने सम्मेलन में भाग ले रहे पूर्वोत्तर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए आग्रह किया कि उन्हें बड़े अवसर दिए जाएं। अदालतों में डिजिटलीकरण के लिए प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ की सराहना करते हुए बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल ई-गवर्नेंस में सभी राज्यों में नंबर वन है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में न्यायिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और राजारहाट न्यू टाउन में उच्च न्यायालय के नए परिसर के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। बनर्जी ने कहा कि राज्य में 88 ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ काम कर रहे हैं।
ALSO READ: बंगाल के राज्यपाल ने ममता बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया
उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार ने इन अदालतों की स्थापना के लिए सहायता प्रदान की थी, लेकिन पिछले सात-आठ वर्षों से यह प्रावधान वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा, अठासी त्वरित अदालतों में से 55 महिलाओं के लिए हैं। छह पॉक्सो अदालत भी हैं। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour 

Show comments

Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

Air India Flight Turbulence : Phuket-Delhi फ्लाइट में अचानक 300 फुट नीचे गिरा विमान, 14 यात्री और क्रू घायल, फ्लाइट में Seat Belt क्यों जरूरी है?

Tata की इलेक्ट्रिक कारों पर मिल रहा बड़ा डिस्काउंट, Curvv EV पर 3 लाख से ज्यादा का फायदा

PoK का सच दिखाया तो भड़का पाकिस्तान! 'अल जजीरा' पर कसा शिकंजा, जानिए क्या है PoK की हकीकत

iPhone 16 पर बड़ी डील, 67,900 रुपए वाला फोन 40,612 रुपए में खरीदने का मौका, ऐसे मिलेगा डिस्काउंट

सभी देखें

MP Politics : दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन, पूरी जिला संगठन समिति भंग

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा का बदला रंग, बेटियां भी उठा रहीं डाक कांवड़, परिवार और भाइयों का मिला साथ

UP News: राजा टोडरमल भूलेख प्रशिक्षण संस्थान बनेगा विश्वविद्यालय, योगी सरकार ने बजट में 10 करोड़ रुपए किए आवंटित

UP Budget 2026-27: योगी सरकार का एक्सप्रेस-वे और निवेश पर बड़ा दांव, गंगा-विंध्य समेत नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मिलेगी रफ्तार

UP News : योगी सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा तोहफा, 2,023 रुपए करोड़ का प्रावधान, 5 मंडलों में खुलेंगे आयुष मेडिकल कॉलेज

अगला लेख