Hanuman Chalisa

बलात्कार पीड़ित की पहचान जाहिर करने पर मीडिया हाउसों को लताड़

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018 (16:23 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सामूहिक बलात्कार के बाद मार दी गई बच्ची की पहचान जाहिर करने के मामले में शुक्रवार को कई मीडिया हाउसों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि आगे से उसकी पहचान जाहिर न की जाए।
 
मीडिया में आई खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और बहुत दुखद है कि पीड़िता की तस्वीरें भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आ रही हैं। 
 
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आई खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए मीडिया हाउसों से जवाब  मांगा है कि इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए? पीठ ने कहा कि पूरा  पूरा मीडिया ट्रॉयल चल रहा है। 
 
अदालत ने मीडिया हाउसों को निर्देश दिया है कि वह आगे से बच्ची का नाम, उसकी तस्वीर, स्कूल का नाम या उसकी पहचान जाहिर करने वाली किसी भी सूचना को प्रकाशित प्रसारित करने से बचें।
 
अदालत ने कहा कि खबरों ने पीड़िता की निजता का अपमान और उल्लंघन किया है जिसकी किसी भी हालात में अनुमति नहीं दी जा सकती है। पीठ ने कहा कि दंड संहिता और पॉक्सो कानून में ऐसे प्रावधान हैं, जो ऐसी सूचनाओं के प्रकाशन/प्रसारण को निषिद्ध करते हैं, जो बच्चों सहित यौन अपराध से पीड़ित व्यक्ति की प्रतिष्ठता और निजता को प्रभावित करता हो।
 
>कश्मीर के कठुआ से यह बच्ची अपने घर के पास से 10 जनवरी को लापता हो गई थी। 1 सप्ताह बाद उसका शव उसी इलाके से मिला। मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस की  अपराध शाखा ने मामले में इसी सप्ताह 7 आरोपियों के खिलाफ मुख्य आरोपपत्र तथा एक किशोर के खिलाफ पृथक आरोपपत्र दायर किया है। 
 
आरोपपत्र में रूह कंपा देने वाला घटनाक्रम बताया गया है। उसमें बताया गया है कि कैसे बच्ची का अपहरण कर उसे नशा दिया गया और हत्या करने से पहले एक धार्मिक स्थल पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। (भाषा)

क्‍या अनशन खत्‍म करेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल में ही चलेगा इलाज, अनशन को लेकर क्‍या बोली पत्‍नी?

इमरान खान की बहन के बयान से मचा बवाल, साइबर एजेंसी ने भेजा समन, मामले का 'ऑपरेशन सिंदूर' से क्‍या है कनेक्‍शन?

मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने किया वॉकआउट, जानिए क्यों मचा हंगामा?

CM मोहन यादव ने असंभव को किया संभव, UCC को कैबिनेट ने दी मंजूरी, जानें लिव-इन के लिए क्या हैं शर्तें?

Sonam Wangchuk Story : 3 Idiots के फुनसुख वांगडू से भी आगे है असली कहानी, जानिए कैसे बदली लद्दाख की तस्वीर

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को मिली रफ्तार, यूपी के गांवों तक पहुंच रही बस सेवा

क्‍या अनशन खत्‍म करेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल में ही चलेगा इलाज, अनशन को लेकर क्‍या बोली पत्‍नी?

उत्तर प्रदेश में चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ

इमरान खान की बहन के बयान से मचा बवाल, साइबर एजेंसी ने भेजा समन, मामले का 'ऑपरेशन सिंदूर' से क्‍या है कनेक्‍शन?

उत्तर प्रदेश बनेगा गो आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र, हर जिले में लगेंगे 1000 से अधिक बायोगैस प्लांट

अगला लेख