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Last Updated : सोमवार, 7 फ़रवरी 2022 (16:11 IST)

कर्नाटक के ‘हिजाब विवाद’ में अब ‘नीले रंग’ की एंट्री, अनहोनी को देखते हुए एक्‍शन में प्रशासन, जानिए क्‍या है पूरा विवाद

कर्नाटक के ‘हिजाब विवाद’ में अब ‘नीले रंग’ की एंट्री, अनहोनी को देखते हुए एक्‍शन में प्रशासन, जानिए क्‍या है पूरा विवाद - Karnataka, kundapura, Hizab, college girls, muslim girls
कर्नाटक में हिजाब को लेकर कॉलेज में शुरू हुए विवाद में अब नीले रंग की भी एंट्री हो गई है। यहां कॉलेज में छात्राओं के हिजाब पहनने को लेकर एक मामला तुल पकड़ रहा है। इसे सांपदायिक रंग दिया जा रहा है।

कर्नाटक के कुंडापुरा में यह विवाद अब पसर न जाए इसलिए प्रशासन मुस्‍तैद होकर एक्‍शन में आ गया है। कुंडापुरा में चल रहे स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शन के दौरान, जहां मुस्लिम समुदाय के दो लोगों को पुलिस ने घातक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया, वहीं 3 लोग पुलिस से बचकर भाग निकले। पुलिस ने जिन्‍हें पकड़ा उनके नाम अब्दुल मजीद और रजब हैं।

आखि‍र क्‍या है विवाद?
दरअसल, कर्नाटक के कॉलेज में छात्राओं को हिजाब पहनकर आने की अनुमति नहीं मिल रही है। जनवरी में उडुपी के एक कॉलेज में छात्राओं को हिजाब पहनकर क्लास में जाने से रोक दिया गया था। उसके बाद से कई मामले आ चुके हैं। इस घटना के बाद उडुपी के ही भंडारकर कॉलेज की छात्राओं को भी हिजाब पहनकर आने पर गेट पर ही रोक दिया गया। इसके बाद शिवमोगा जिले के भद्रवती में भी ऐसी घटना सामने आई।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
- कर्नाटक में हिजाब विवाद 1 जनवरी 2022 से शुरू हुआ। उस दिन उडुपी के एक सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर क्लास में जाने से रोक दिया गया था।

- इसके बाद रेशम फारूक नाम की छात्रा ने कर्नाटक हाईकोर्ट में ये कहते हुए याचिका दायर की कि हिजाब पहनने की अनुमति न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

- 19 जनवरी को कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं, उनके माता-पिता और अधिकारियों के साथ एक बैठक की।  लेकिन बैठक बेनतीजा रही।

- इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कर्नाटक सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। हालांकि, जब तक कमेटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती तब तक छात्राओं को कॉलेज के नियमों का पालन करना होगा।

- कक्षाओं के अंदर हिजाब पहनने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए स्कूल ने माता-पिता, छात्राओं और अधिकारियों के साथ 31 जनवरी को एक और बैठक की थी। इसमें प्रशासन ने बता दिया कि जब तक कमेटी का फैसला नहीं आता, तब तक नियम के हिसाब से ही चलना होगा।

- प्रशासन ने माता-पिता को बताया कि छात्राएं परिसर में हिजाब पहनकर आ सकती हैं, लेकिन क्लास के अंदर उन्हें हिजाब उतरना होगा।

विवाद को बढ़ता हुआ देखकर कर्नाटक के विजयपुरा के दो कॉलेज (शांतेश्वरा पीयू और जीआरबी कॉलेज) में दो दिन की छुट्टी कर दी गई है। जबकि उडुपी के कॉलेज में एंट्री दे दी गई है। उधर दूसरी तरफ कुंडापुरा के सरकारी पीयू कॉलेज ने कैम्पस में सोमवार को मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर आने की अनुमति दे दी है। साथ ही यह नियम भी लागू किया कि वे अलग क्लास में बैठेंगी। ये छात्राएं गेट के बाहर रोज कॉलेज शुरू होने से लेकर खत्म होने तक प्रदर्शन कर रही थी।

एक और रंग की एंट्री
इस पूरे विवाद में जहां अब तक सिर्फ भगवा और हिजाब के रंग का विवाद था, अब इसमें तीसरा रंग नीला भी शामिल हो गया है। कर्नाटक के आईडीएसजी कॉलेज चिक्कमंगलूर में हिजाब पहनने वाली छात्राओं के समर्थन में दलित छात्र आ गए हैं। वे जय भीम के नारे लगाते हुए ब्लू शॉल पहनकर छात्राओं का समर्थन कर रहे हैं।


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