किसान आंदोलन ने मचाया सोशल मीडि‍या में बवाल

Farmers Protets
Last Updated: शनिवार, 5 दिसंबर 2020 (19:16 IST)
केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन आज भी जारी है। बड़ी संख्या में किसान दिल्ली आने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, राज्यों की सीमा पर पुलिस ने कड़ी सुरक्षा की हुई है। किसानों ने यहां रातभर डेरा जमाए रखा और अब शुक्रवार सुबह से ही नारेबाजी कर रहे हैं।

इस बीच, सिंघु बॉर्डर पर जमा हुए किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आज सुबह आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

इस आंदोलन का बड़ा असर अब सोशल मीडि‍या में भी देखने को मिल रहा है। फेसबुक से लेकर ट्व‍िटर तक कानून को लेकर सरकार की जमकर आलोचना हो रही है।

ट्व‍िटर पर तो ‘किसान अब दिल्‍ली फतह करेगा’ नाम से हैशटैग चल ट्रेंड कर रहा है। इसके साथ ही और भी कई ट्रेंड किसानों के पक्ष में चल रहे हैं। इस बीच कई नेता ट्वि‍टर पर कमेंट कर रहे हैं।

राजस्‍थान के पूर्व नेता प्रति‍पक्ष रामेश्‍वर डोडी ने ट्व‍िटर पर लिखा- संविधान दिवस के अवसर पर किसानों के रास्ते में पत्थर डालकर, गड्ढे खोदकर, निहत्थे एवं शांतिपूर्ण किसानों पर आंसू गैस और वॉटर कैनन का बर्बतापूर्ण इस्तेमाल करके संविधान का मखौल उड़ाने के भाजपा सरकार के घिनौने कृत्य को हमेशा याद रखा जाएगा

चि‍त्रा सरवारा ने लिखा, किसान बचाओ खेती बचाओ देश बचाओ।

अभि‍षेक सिंघवी ने लिखा, किसान का उगाया हुआ सब दिल्‍ली जा सकता है, लेकिन किसान नहीं।

अमित मिश्रा ने लिखा, मोदी जी की दिल्‍ली पुलिस किसानों पर आंसू गैस छो रही है।

हरियाणा की कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने लिखा,
जो अन्नदाता दिल्ली में गेंहू, बाजरा, दाल आदि पहुंचाता है। उसे ही आज दिल्ली जाने से रोका जा रहा है। सरकार जितना जोर लगा ले, अन्नदाता पीछे नहीं हटेंगे। ये काले कानून ही तानाशाह सरकार का काल बनेंगे।

किसान प्रदर्शन में इस्‍तेमाल की जा रही कुछ पंक्‍कियां


तुम्‍हारी लाठि‍यां हमारी हड्ड‍ियां तोड सकती हैं, हौंसला नहीं।
सरकार जितना जोर लगा ले, अन्नदाता पीछे नहीं हटेंगे। ये काले कानून ही तानाशाह सरकार का काल बनेंगे।



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