मनोज मुंतशि‍र पर call me नाम की अंग्रेजी कविता चुराने का आरोप, सोशल मीडि‍या में उठा बवाल, बोले राष्‍ट्रवादी होने की मिल रही सजा

manoj muntshir
Last Updated: गुरुवार, 23 सितम्बर 2021 (12:25 IST)
ख्‍यात गीतकार मनोज मुंतशि‍र पर एक अंग्रेजी कविता चुराने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडि‍या पर उन्‍हें ट्रोल किया जा रहा है।

दरअसल मनोज मुंतशिर की 2018 में ए‍क किताब आई थी। जिसका नाम था
'मेरी फितरत है मस्ताना'। इस किताब में छपी एक कविता 'मुझे कॉल करना' से विवाद खड़ा हो गया है।

ट्रोलर्स ने इस कविता का अंग्रेजी संस्‍करण पोस्‍ट की सुबूत दिया है कि यह मनोज ने इस कविता का अनुवाद कर के अपनी किताब में छपवा लिया।
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जब से ये बात सामने आई है मनोज मुंतशिर की आलोचना हो रही है, अब इस पर उनका एक बयान भी आया है।
लोगों का आरोप है कि मनोज की लिखी ये कविता मौलिक नहीं है। मनोज ने 2007 में आई रॉबर्ट जे लेवरी की किताब की कविता का हिंदी अनुवाद कर के इसे अपनी किताब में छाप लिया है।

इधर मनोज ने इस विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी है। ट्वीट के के मनोज मुंतशिर ने लिखा- 200 पन्नों की किताब और 400 फिल्मी और गैर फिल्मी गाने मिलाकर सिर्फ 4 लाइनें ढूंढ पाए? इतना आलस? और लाइनें ढूंढो, मेरी भी और बाकी राइटर्स की भी। फिर एक साथ फुरसत से जवाब दूंगा।

बता दें कि मनोज ने तेरी मिट्टी में मिल जावां जैसा बेहद लोकप्र‍िय गीत लिखा है।
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अब एक इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कहा है कि आभार उन सबका जिन्होंने मेरे नाम और काम का इतना चर्चा किया कि आपको मेरा इंटरव्यू लेना पड़ा. मैं उस दिन का सपना देखता था जब कोई ‘लिखने वाला’ इस देश में ‘बिकने वाला’ समाचार बन जाए। आज मेरी किताब ‘मेरी फितरत है मस्ताना‘ पर इतनी बात हो रही है, मेरी खुशी का आप अंदाज़ा नहीं लगा सकते।

देश-विदेश में मैंने अपनी किताब के साथ भ्रमण किया, लेकिन इतना शोर कभी नहीं मचा जितना आज 3 साल बाद मच रहा है। अब मैं भी मान चुका हूं कि ‘ऊपरवाले के घर देर है अंधेर नहीं।



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