केरोसिन पर गरमाई राजनीति, भाजपा का राहुल को जवाब, बताया- किसने छिड़का देश में मिट्टी का तेल?

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर पूरे देश में केरोसीन छिड़कने का आरोप लगाया तो देश में सियासी घमासान मच गया। भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल को करारा जवाब देते हुए 1984 के नरसंहार का जिक्र किया।
पुनः संशोधित शनिवार, 21 मई 2022 (14:04 IST)
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भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लंदन में राहुल गांधी कहते हैं कि भाजपा ने देश में छिड़का है। राहुल गांधी जी, मिट्टी का तेल तो पार्टी छिड़कती है। 1984 का जो नरसंहार हुआ, कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कत्लेआम करवाया, उस मिट्टी के तेल को डालने वाले कांग्रेस के ही नेता थे।

भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी जी ने दूसरी आपत्तिजनक टिप्पणी जो की है उसमें उन्होंने कहा है कि भारत में पाकिस्तान जैसे हालात हैं। जब से भारत आजाद हुआ, सरकार किसी भी पार्टी की रही हो लेकिन लोकतंत्र का राज भारत में रहा और पकिस्तान वो मुल्क है जो आजादी के 75 वर्ष में आधे समय तानाशाह हुकूमत रही है।

उन्होंने कहा कि एक हताश कांग्रेस और उसके विफल नेता राहुल गांधी जब भी विदेशी की धरती पर जाते हैं, चाहे वो लंदन हो, अमेरिका हो, सिंगापुर हो उनके व्यक्तव्य कहीं न कहीं ये दर्शाते हैं कि आज की कांग्रेस पार्टी 1984 से लेकर अब तक, देश में आग लगाने, सौहार्द बिगाडने में लगी है।


भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आप भाजपा का विरोध कर सकते हैं, स्वस्थ्य राजनीति का ये एक हिस्सा है। लेकिन आप हमारे देश के लिए अपशब्द कहेंगे, बेबुनियाद आरोप लगाएंगे तो ना केवल भाजपा इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेगी बल्कि देश की जनता भी इसका विरोध करेगी।

उल्लेखनीय है कि राहुल ने लंदन में एक कार्यक्रम में कहा था कि पूरे देश में केरोसीन (मिट्टी का तेल) फैला हुआ है और आग लगाने के लिए बस एक चिंगारी की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता से कहा जाता है कि आप यह कहेंगे और कुछ नहीं। यह कार्यकर्ता लोगों के गले के नीचे खास तरह के विचारों को उतारने के लिए तैयार किया गया है, फिर चाहे वह कम्युनिस्ट विचारधारा हो या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच।

उल्लेखनीय है कि राहुल ने लंदन में एक कार्यक्रम में कहा था कि भाजपा ने पूरे देश में केरोसीन छिड़क दिया है, एक चिंगारी से आग भड़क सकती है। देश में हालात ठीक नहीं है और पीएम मोदी किसी की नहीं सुनते हैं।



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