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सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया आम्रपाली ग्रुप का RERA रजिस्ट्रेशन, निवेशकों के पैसे लौटाने का दिया आदेश

Updated: मंगलवार, 23 जुलाई 2019 (13:19 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कर्ज में फंसी कंपनी आम्रपाली समूह का रीयल एस्टेट नियमन प्राधिकरण (रेरा) के तहत पंजीयन मंगलवार को रद्द कर दिया। न्यायालय ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों से आम्रपाली की संपत्तियों के लिए मिले पट्टे भी रद्द कर दिए।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति उदय यू. ललित की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आम्रपाली समूह की सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी को नियुक्त किया है। पीठ ने अधिवक्ता आर. वेंकटरमणी को कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया। वेंकटरमणी को आम्रपाली की संपत्तियों के सारे अधिकार मिल जाएंगे।

न्यायालय ने कहा कि वेंकटरमणी के पास यह अधिकार रहेगा कि वह बकाया वसूली के लिए आम्रपाली की संपत्तियों की बिक्री के लिए तीसरे पक्ष से करार कर सकेंगे। पीठ ने कहा कि विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के प्रावधानों का उल्लंघन कर घर खरीदारों के पैसे का हेरफेर किया गया।

न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय को आम्रपाली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा तथा कंपनी के अन्य निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए कथित मनीलांड्रिंग (धनशोधन) की जांच का भी निर्देश दिया है।

न्यायालय ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्राधिकरणों ने आम्रपाली के साथ सांठगांठ करके उसे मकान खरीदारों के पैसे की हेरफेर करने में मदद की और कानून के हिसाब से काम नहीं किया। न्यायालय ने मकान खरीदारों को राहत देते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्राधिकरणों से कहा कि वे आम्रपाली समूह की विभिन्न परियोजनाओं में पहले से रह रहे मकान खरीदारों को आवास पूर्ण होने संबंधी प्रमाण पत्र सौंपे।

ईडी ने दर्ज किया धनशोधन का मामला : प्रवर्तन निदेशालय ने कर्ज में फंसी रीयल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह तथा उसके प्रवर्तकों के खिलाफ मनीलांड्रिंग (धनशोधन) का आपराधिक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। कंपनी कथित तौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 40 हजार से अधिक मकान खरीदारों को फ्लैट देने में असफल रही है।

ईडी के लखनऊ कार्यालय ने नोएडा पुलिस के समक्ष कंपनी के खिलाफ कम से कम 16 प्राथमिकी दर्ज होने का संज्ञान लेते हुए इस महीने की शुरुआत में धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने कहा कि ईडी कंपनी के प्रवर्तकों से पूछताछ करने तथा धनशोधन संबंधी कानून का उल्लंघन करने को लेकर जब्त किए जाने योग्य संपत्तियों की पहचान करने पर विचार कर रही है।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को ईडी को आम्रपाली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा तथा कंपनी के अन्य निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए कथित धनशोधन की जांच का निर्देश दिया। न्यायालय ने कर्ज में फंसी कंपनी आम्रपाली समूह का रीयल एस्टेट नियमन प्राधिकरण (रेरा) के तहत पंजीयन रद्द कर दिया।

न्यायालय ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों से आम्रपाली की संपत्तियों के लिए मिले पट्टे भी रद्द कर दिए। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने 28 फरवरी को दिल्ली पुलिस को शर्मा तथा 2 अन्य निदेशकों को गिरफ्तार करने की मंजूरी दी थी।

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