पंजाब को दहलाने की साजिश, भारत-पाकिस्‍तान बॉर्डर के पास मिला 5 किलो आईईडी

पुनः संशोधित शुक्रवार, 14 जनवरी 2022 (22:03 IST)
चंडीगढ़। पाकिस्तान से तस्करी कर भारत में लाया गया 5 किलोग्राम आईईडी (विस्फोटक सामग्री) और एक लाख रुपए भारतीय नोट शुक्रवार को पंजाब के अमृतसर में भारत-पाकिस्‍तान सीमा के नजदीक अटारी-बचीविंड मार्ग पर एक थैले में रखे पाए गए।
पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने मादक पदार्थ और विस्फोटकों के बारे में एक विशिष्ट सूचना मिलने पर शुरू किया और यह थैला बरामद किया। राज्य में 14 फरवरी को होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षाबल हाईअलर्ट पर हैं।

यह बरामदगी ऐसे दिन हुई, जब राष्ट्रीय राजधानी के गाजीपुर फूल मण्डी में एक लावारिस बैग के अंदर आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट वाला एक आईईडी मिला। अमृतसर में बरामद हुए विस्फोटकों के बारे में अधिकारियों ने कहा कि समय रहते इसकी बरामदगी से एक संभावित अप्रिय घटना टल गई।

अमृतसर में आईईडी की बरामदगी के बाद पुलिस ने कुछ देर के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी। मौके पर मौजूद के सहायक महानिरीक्षक रशपाल सिंह ने कहा, 5 किलोग्राम वजन का आईईडी अटारी-बचीविंड रोड पर एक थैले में मिला। कुछ भारतीय नोट भी मिले हैं।

बाद में, शाम में पुलिस महानिरीक्षक, अमृतसर मनीष चावला ने कहा कि तीन इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, एक डिजिटल टाइमर सहित पांच किलोग्राम विस्फोटक सामग्री वाले पीले रंग के एक थैले के अलावा पॉलिथीन से लपेटकर रखे हुए एक लाख रुपए के भारतीय नोट बरामद किए गए हैं।

बरामद की गई विस्फोटक सामग्री का राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किए जाने के बारे में अंदेशा जताते हुए उन्होंने कहा कि शुरूआती जांच से पता चला है कि इस सामग्री का पंजाब में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा करने में इस्तेमाल करने का मंसूबा था। उन्होंने कहा, यह पाकिस्तान से तस्करी कर लाया गया था।

इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) समर्थित एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किए जाने के कुछ दिन बाद पंजाब पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उसने पठानकोट में ग्रेनेड फेंके जाने की दो हालिया घटनाओं के प्रमुख आरोपी के खुलासे के आधार पर हथियार और गोला-बारूद के अलावा ढाई किलोग्राम आरडीएक्स जब्त किया है।

पुलिस महानिदेशक वीके भावरा ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि पुलिस ने एके-47 राइफलों की 12 कारतूसों के साथ एक डिटोनेटर, एक डिटोनेटिंग कॉर्ड और पांच विस्फोटक फ्यूज भी बरामद किए हैं। पुलिस ने कहा था कि विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल आईईडी बनाने में किया जाना था।

डीजीपी ने एक बयान में कहा, गुरदासपुर के गांव लखनपाल के आरोपी अमनदीप कुमार के खुलासे बयान के आधार पर बरामदगी की गई, जो पठानकोट में ग्रेनेड हमले की दो हालिया घटनाओं का मुख्य आरोपी है। कुमार सोमवार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए छह सदस्यों में शामिल था। बृहस्पतिवार को जारी बयान के मुताबिक उसने पठानकोट में दो अलग-अलग घटनाओं में ग्रेनेड फेंकने की बात कबूल की है।

शहीद भगत सिंह नगर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर ने कहा कि कुमार के खुलासे के बाद टीम गुरदासपुर जिले में भेजी गईं और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। प्रमुख आरोपी के अनुसार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) में इनका इस्तेमाल किया जाना था।

उन्होंने कहा कि यह खेप आईएसवाईएफ (रोडे) के स्वयंभू प्रमुख लखबीर सिंह रोडे द्वारा कुमार को पहुंचाई गई थी। रोडे इस समय पाकिस्तान में है और उसने अपने साथी दीनानगर के खराल गांव निवासी सुखप्रीत सिंह उर्फ सुख के हाथों यह खेप भेजी थी। बयान के अनुसार पिछले साल जून-जुलाई से रोडे पंजाब और विदेशों में अपने नेटवर्क के माध्यम से सिलसिलेवार आतंकी मॉड्यूलों को सक्रिय करने में प्रमुखता से शामिल रहा है।

पुलिस ने सोमवार को कहा था कि उसने आईएसवाईएफ के छह सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ संगठन द्वारा समर्थित बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करके पठानकोट में सेना की छावनी के द्वार के बाहर पिछले दिनों ग्रेनेड विस्फोट से जुड़े मामले को सुलझा लिया है। समझा जाता है कि आईएसवाईएफ को पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल है।(भाषा)




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