दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर पर्यावरण समिति ने तीनों एमसीडी आयुक्तों को किया तलब

Last Updated: सोमवार, 4 जनवरी 2021 (22:41 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति ने शहर में मैनुअल सफाई के कारण धूल और वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को तीनों एमसीडी के आयुक्तों को तलब किया। पर्यावरण समिति की अध्यक्ष आतिशी मार्लेना ने कहा कि यह बहुत ही चौंकाने वाला है कि दिल्ली के निगम आयुक्तों को अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सड़कों की लंबाई के बारे में कोई जानकारी नहीं है, वे कोई सही योजना पेश नहीं कर सके। मैकेनिकल सफाई करने वाले ठेकेदार द्वारा निर्धारित क्षेत्र की सफाई नहीं करने की स्थिति में जुर्माने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पैनल के सदस्य विधायक अजय दत्त ने कहा कि तीनों एमसीडी को धूल प्रदूषण को कम करने के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा है। डीपीसीसी को दिल्ली में धूल के बढ़ते स्तर के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

आतिशी ने ट्वीट किया कि दिल्ली में धूल और वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर पर्यावरण समिति ने आज सोमवार को तीनों नगर निगम के आयुक्तों को बुलाकर स्पष्टीकरण मांगा कि मैकेनिकल स्वीपिंग क्यों नहीं की जा रही है? तीनों एमसीडी की लापरवाही चौंकाने वाली थी।
आतिशी ने कहा कि तीनों एमसीडी में से किसी को भी यह नहीं पता था कि उनके निगम क्षेत्र में कुल कितनी लंबी सड़कों की सफाई मैकेनिकल स्वीपिंग के जरिए हो रही है? मैकेनेकिल स्वीपिंग करने वाले ठेकेदार द्वारा निर्धारित क्षेत्र की सफाई नहीं करने पर जुर्माने की कोई व्यवस्था नहीं है।दत्त ने कहा कि तीनों एमसीडी को धूल प्रदूषण कम करने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति ने एमसीडी अधिकारियों को मैकेनाइज्ड स्वीपिंग के लिए तैयार किया है। अधिकारियों को एनजीटी के आदेशों की पूरी जानकारी नहीं थी। एनजीटी के आदेशों के अनुसार सभी एमसीडी को मैनुअल स्वीपिंग से होने वाली एसपीएम को कम करने के लिए एमआरएस मशीनों का उपयोग करने के लिए निर्देशित किया गया था।

जब सड़कों की लंबाई के आधार पर सफाई के नियमों को लेकर सवाल किया गया तो अधिकारी कुल मशीनों की संख्या, अनुबंध के आधार पर काम करने के मापदंड से अनजान थे। समिति ने तीनों निगमों को 7 दिन में विस्तृत योजना प्रस्तुत करने के लिए कहा है। समिति ने एमआरएस मशीनों के जरिए कुल कितनी लंबी सड़कों की सफाई हो रही है, इसके बारे जानकारी नहीं होने पर अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। एमसीडी को इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
विधायक आतिशी की अध्यक्षता में आयोजित पर्यावरण समिति की बैठक में अधिकारियों से एमआरएस संचालन और कार्यकुशलता बढ़ाने की व्यवस्था संबंधी जानकारी लेते हुए उनकी तैयारियों और जागरूकता की कमी के बारे में बताया। समिति ने एमसीडी को सड़कों की मशीनीकृत सफाई की लंबाई, चलने की शिफ्ट, जांच करने के उपाय और ठेकेदारों के ऊपर दंडात्मक प्रावधानों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। 7 दिन के अंदर समिति को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।



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