रेल बजट : महंगा होगा डीजल, पड़ेगी महंगाई की मार...

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013 (16:50 IST)
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नई दिल्ली। रेलवे ने आज और रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के परिवहन के भाड़े में 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इससे खुदरा स्तर पर ईंधन कीमतों में इजाफा हो सकता है तथा अन्य वस्तुओं के दाम भी एक बार फिर बढ़ जाएगे।

डीजल का मालभाड़ा 5.79 प्रतिशत बढ़ाकर 1,041.80 रुपए प्रति टन किया गया है, जो अभी तक 984.80 रुपए प्रति टन था। इसी तरह मिट्टी के तेल के परिवहन के भाड़े में 5.79 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और यह 937.60 रुपए प्रति टन हो गया है। अभी यह 886.30 रुपए प्रति टन है।

रेल मंत्री पी के बंसल ने आज लोकसभा में 2013-14 का पेश किया। इन दरों में विकास शुल्क और व्यस्त सीजन का शुल्क शामिल नहीं है। इस हिसाब से पेट्रोलियम कंपनियों के लिए वास्तविक बढ़ोतरी कहीं अधिक होगी।
पेट्रोलियम कंपनियां करीब 32 से 33 प्रतिशत तक डीजल, एलपीजी और केरोसिन का परिवहन रेलवे के जरिये करती हैं। भाड़े में बढ़ोतरी का बोझ या तो उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा या फिर इससे कंपनियों का वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जिसकी भरपाई सरकार को आम बजट से करनी होगी।

सूत्रों का कहना है कि इस बात की संभावना नहीं है कि सरकार फिलहाल इस अतिरिक्त बोझ को उठाने के लिए तैयार होगी। ऐसे में यह अतिरिक्त बोझ उपभोक्ताओं को झेलना होगा।
बंसल ने कहा कि पिछले महीने डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से रेलवे के ईंधन बिल का बोझ 3,330 करोड़ रुपए बढ़ा है। इसके अलावा समय-समय पर बिजली दरों में बढ़ोतरी से रेलवे पर बोझ बढ़ रहा है।

रेल मंत्री ने कहा कि इन संशोधनों की वजह से 2013-14 में रेलवे के ईंधन बिल में 5,100 करोड़ रुपए से अधिक का इजाफा होगा। (भाषा)



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