Hanuman Chalisa

नागपंचमी पर करें हर समस्या का अंत, पढ़ें अचूक उपाय और मंत्र

Updated: गुरुवार, 27 जुलाई 2017 (11:40 IST)
इस वर्ष शुक्रवार, 28 जुलाई 2017 को नागपंचमी है। नाग या सर्प का पूजन तथा कालसर्प दोष के निवारणार्थ इससे अच्‍छा दिन और कोई नहीं है। पूरा श्रावण मास ही शिवपूजन के लिए प्रशस्त माना जाता है। जिस व्यक्ति की जन्म पत्रिका में कालसर्प दोष उपस्थित होता है, उसके जीवन में समस्या का अंत नहीं होता है। वैसे तो कालसर्प दोष की निवृत्ति पूजन करने से ही होती है। यदि हर वर्ष कराएं तो अधिक लाभ होगा। इससे बचने के उपाय निम्नलिखित हैं-

ALSO READ: कालसर्प दोष शांति का पूर्ण व प्रामाणिक विधान
 
1. रुद्राभिषेक कराएं।
2. राहु-केतु का पूजन व जप-हवन आदि कराएं।
3. मां मनसादेवी व सर्पपूजन कराएं।
4. सर्पसूक्त के पाठों का पुरश्चरण कराएं।
5. नाग गायत्री यंत्र का पुरश्चरण कराएं।
6. जिस शिवलिंग पर नाग नहीं हो तो नाग देवता की प्रतिष्ठा कर ब्रह्म मुहूर्त में शिवजी पर नाग चढ़ाएं।
7. सपेरों से नाग को मुक्त कराएं।
8. कुल देवता, पितृ देवता तथा नाग देवता के मंत्रों का जाप करें।
 
जपे जा सकने वाले मंत्र निम्नलिखित हैं। सरल मंत्र दिए जा रहे हैं-
 
1. 'ॐ रां राहवे नम:।'
2. 'ॐ कें केतवे नम:।' 
3. 'ॐ कुलदेवतायै नम:।' 
4. 'ॐ पितृदेवतायै नम:।' 
5. 'ॐ नागदेवतायै नम:।' 
6. 'ॐ नागकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो: सर्प प्रचोद्यात्।' 

ALSO READ: कालसर्प दोष : यह हैं 13 लक्षण और 11 उपाय...
 
कालसर्प दोष के निवारण के लिए काले व नीले रंगों से बचें, चंदन का इत्र लगाएं, झूठ न बोलें, नशे से दूर रहें, सामाजिक नियमों का पालन करें, किसी का शोषण न करें। नित्य अपने ईष्ट देवता का पूजन-जप इत्यादि इ‍न दोषों को शिथिल करता है। 

नागपंचमी पर पढ़ें यह अलौकिक नाग मंत्र... (देखें वीडियो) 
 

 
लेखक के बारे में
पं. उमेश दीक्षित
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

11 सितंबर 1893: जब भारत के शाश्वत दर्शन ने विश्व को गुंजायमान किया

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 11 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

2027 की भविष्यवाणी: सत्ता परिवर्तन से सोने-चांदी के भाव तक, जानें कैसा रहेगा नया साल

बुध का हस्त नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर पड़ेगा असर, जानें किसे मिलेगा धन-करियर का लाभ

गणेशोत्सव 10 दिनों का ही क्यों? जानिए बप्पा के आतिथ्य और महाभारत से जुड़ी यह रोचक गाथा

अगला लेख