dharma sangrah

हिजाब मामला : बात इतनी बड़ी थी ही नहीं...

Updated: गुरुवार, 10 फ़रवरी 2022 (08:58 IST)
बात इतनी बड़ी थी ही नहीं जितनी बड़ी बना दी गई...आप कुछ भी पहनिए किसी ने कभी रोका है क्या ..बुरखा पहनिए,  हिजाब पहनिए,  फटी जीन्स पहनिए और कहीं भी घूमिए ..रोड पर मॉल में बगीचे में बाज़ार में..
 
पर स्कूल का अपना अनुशासन होता है.. उनकी यूनिफॉर्म होती है जिसे यूनिफॉर्म कहा ही इसलिए जाता है कि सब एक जैसे दिखें ..
 
उन दिनों तो यूनिफॉर्म दिखने के लिए हम सभी को शर्ट और स्कर्ट के संग दो चोटी बांधना भी अनिवार्य होता था वो भी लाल रिबन के संग..न हाथ में चूड़ी न माथे पे बिंदी न गले में काला डोरा..सब एक जैसे दिखते न अमीर न गरीब.. न हिन्दू न मुसलमान.. मासूमियत बनी रहती..भोलापन बरकरार रहता..
 
अब स्कूल आना है तो यूनिफॉर्म में तो रहना होगा वरना क्लास के बाहर रहो वो भी शर्मिंदगी में..
 
तो बच्चियों स्कूल आओ तो यूनिफॉर्म दिखो  ..इतनी जल्दी भी क्या है धर्म का लबादा ओढ़ने की..सारी उम्र तो ओढ़ना है उसे.. स्कूल के नियम और अनुशासन का पालन करो..
 
 नहीं तो वहाँ पढ़ो जहाँ ऐसी बंदिश न हो..सीधी सी तो बात है..
लेखक के बारे में
निधि सक्सेना
स्वतंत्र लेखिका.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

एल्गोरिथम से अपना पर्सपेक्टिव मत बनाओ: तुम्हारे लिए जो 6 है वह मेरे लिए 9 है...

अगला लेख